ग्राम रथ अभियान से गांव-गांव पहुंच रहा सुशासन, टेवाली में लगी रात्रि चौपाल
ग्राम रथ अभियान से गांव-गांव पहुंच रहा सुशासन, टेवाली में लगी रात्रि चौपाल
(सभी तस्वीरें- हलधर)सुशासन को गांव की चौखट तक पहुंचाने के ध्येय के साथ संचालित 'ग्राम रथ अभियान' के तहत सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम टेवाली में एक भव्य रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के पशुपालन मंत्री व स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत ने शिरकत कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
सुझाव पेटिका: ग्रामीणों और सरकार के बीच बना सेतु
चौपाल को संबोधित करते हुए कुमावत ने कहा कि ग्राम रथ अभियान केवल एक प्रचार कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह गांवों के समग्र विकास का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने अभियान की एक अनूठी पहल 'सुझाव पेटिका' का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा, "यह अभियान सरकार और ग्रामीणों के बीच एक सेतु की तरह काम कर रहा है, ताकि विकास की योजनाएं सीधे जरूरतमंद तक पहुंच सकें।
डिजिटल तकनीक से योजनाओं की जानकारी
चौपाल के दौरान एक डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। इनमें मुख्य रूप से-
शिक्षा एवं स्वास्थ्य: सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में मिल रही आधुनिक सुविधाओं की जानकारी।
कृषि एवं पशुपालन: किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही सब्सिडी और बीमा योजनाएं।
सामाजिक सुरक्षा: पेंशन, सहायता राशि और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण।
अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश
रात्रि चौपाल में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने पानी, बिजली, सड़क और अन्य स्थानीय समस्याओं से मंत्री महोदय को अवगत कराया। जोराराम कुमावत ने मौके पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं का समाधान केवल खानापूर्ति न हो, बल्कि यह त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए ताकि ग्रामीणों को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
सशक्त और आत्मनिर्भर राजस्थान का संकल्प
मंत्री कुमावत ने दोहराया कि राज्य सरकार किसान, गांव और विकास को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित किया कि वे सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक बनें और उनका अधिकतम लाभ उठाकर आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण में सहभागी बनें।