मनरेगा से आगे बढ़ा सरकार का बड़ा कदम, अब 125 दिन रोजगार की गारंटी

नई दिल्ली 11-May-2026 06:26 PM

मनरेगा से आगे बढ़ा सरकार का बड़ा कदम, अब 125 दिन रोजगार की गारंटी

(सभी तस्वीरें- हलधर)

भारत के ग्रामीण विकास और श्रमिक कल्याण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक युगांतकारी कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G Act के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी कर दी है। यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा।

100 नहीं, अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह कानून ग्रामीण गरीबों और श्रमिकों के जीवन में नई आशा लेकर आएगा। नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार चाहने वाले परिवारों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी।

बजट और फंडिंग: 1.51 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान-

योजना की भव्यता का अंदाजा इसके बजट से लगाया जा सकता है। 

  • केंद्र का हिस्सा: भारत सरकार ने बजट में 95,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
  • कुल बजट: राज्यों के अंशदान को मिलाकर कुल राशि 1,51,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
  • ट्रांजिशन पीरियड: 1 जुलाई तक मनरेगा के प्रावधान लागू रहेंगे और अधूरे काम उसी के तहत पूरे होंगे। 1 जुलाई के बाद सभी राज्यों में फंडिंग पैटर्न नए एक्ट के अनुसार होगा।

भुगतान में देरी हुई तो मिलेगा हर्जाना

श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए भुगतान प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है।

  • DBT से भुगतान: पैसा सीधे बैंक या डाकघर खाते में जाएगा।
  • समय सीमा: प्रयास रहेगा कि 3 दिन में भुगतान हो, लेकिन अधिकतम 15 दिन अनिवार्य हैं।
  • विलंबित भुगतान: यदि 15 दिन में पैसा नहीं आता, तो मजदूर अतिरिक्त राशि (हर्जाना) पाने के हकदार होंगे।
  • बेरोजगारी भत्ता: काम मांगने पर यदि रोजगार नहीं मिलता है, तो सरकार को बेरोजगारी भत्ता देना होगा।

गांवों में होगा बुनियादी ढांचे का कायाकल्प

1.51 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से गांवों में केवल गड्ढे नहीं खोदे जाएंगे, बल्कि टिकाऊ विकास होगा।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण।
  • आजीविका: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और FPOs के लिए वर्किंग शेड का निर्माण।
  • जल संरक्षण: जल संग्रहण ढांचे और आपदा प्रबंधन के लिए रिटेनिंग वॉल जैसे कार्य।
  • प्रशासनिक सुधार: कर्मचारियों के समय पर वेतन के लिए प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है।

विकसित भारत के लिए विकसित गांव का संकल्प

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि यह योजना ग्रामीण भारत के लिए 'नया सवेरा' साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह कानून न केवल श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा देगा, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत कर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।


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