एग्रो टूरिज्म: खेती, पर्यटन और संस्कृति से बढ़ेगी किसानों की आय

नई दिल्ली 24-Dec-2025 01:22 PM

एग्रो टूरिज्म: खेती, पर्यटन और संस्कृति से बढ़ेगी किसानों की आय

(सभी तस्वीरें- हलधर)

कृषि पर्यटन यानी कि पर्यटक खेतों में आए वहां रहे] वहा की जिंदगी जिये] इंजॉय करें। इससे किसान को कमाई होती है। अर्थात खेती किसानी के साथ कमाने का जरिया। वर्तमान समय में जब पारंपरिक खेती से किसानों की आमदनी सीमित हो गई है। तब एग्रो टूरिज्म एक नया और संभावनाशील ग्रामीण उद्यम बनकर उभर रहा है। यह ऐसा व्यवसाय है जो खेती, पर्यटन और संस्कृति तीनों को एक साथ जोड़ता है, गांव के कल्चर के साथ शहर की सुविधाओं का समायोजन करना। ताकि, लोग गाँव और खेतों के जीवन का अनुभव कर सकें। इसी विषय को लेकर हलधर टाइम्स की सुनील कुमार खोईवाल से हुई वार्ता के मुख्याशं...

एग्रो टूरिज्म क्या है। 

एग्रो टूरिज्म का अर्थ है गाँव और कृषि गतिविधियों को पर्यटन का हिस्सा बनाना। यानि जब किसान या कोई व्यक्ति अपने खेत, बाग, डेयरी, फ ार्म हाउस अथवा ग्रामीण परिवेश को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करता है। ताकि, लोग वहाँ आकर ग्रामीण जीवनए खेती-किसानी, प्रकृति और देसी भोजन का अनुभव कर सकें, तो उसे एग्रो टूरिज्म कहा जाता है। सरल शब्दों में जब लोग शहरों की भीडभाड और चकाचौंध से दूर गाँवों में आकर थोडे समय के लिए हरे भरे पेड पौधे, खेती, पशुपालन और प्राकृतिक जीवन का आनंद लेते हैं तो वह कृषि पर्यटन कहलाता है।

एग्रो टूरिज्म एक ग्रामीण उद्यम क्यों है। 

खेत, पशु, देसी भोजन और प्राकृतिक वातावरण पहले से मौजूद होते हैं। इसलिए अलग से बहुत बडा निवेश नहीं चाहिए। यह किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पकारों को रोजगार देता है। पर्यटक आयेगा वह रूकेगा, खायेगा, उत्पाद खरीदेगा, इससे किसान को आय होगी। एग्रो टूरिज्म का मुख्य उद्देश्य केवल पैसा कमाना है। एग्रो टूरिज्म का मुख्य उद्देश्य केवल पैसा कमाना नहीं, बल्कि, गाँव और खेती को लोगों से जोडना है। देसी खानपान को बढावा देना, किसानों की अतिरिक्त आय बढाना, ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, खेती-किसानी के प्रति लोगों की रुचि बढाना, गाँव की संस्कृति और परंपराओं को बढावा देना पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना, शहर और गाँव के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढता है।

एग्रो टूरिज्म का महत्व क्या है। 

आज के समय में जब लोग शहरों की भागदौड़ में थक चुके हैं, तो एग्रो टूरिज्म मानसिक शांति, प्राकतिक सौंदर्य और सच्चे भारतीय जीवन से जुडने का माध्यम बन गया है। पर्यटकों को ऑर्गेनिक खाना मिलेगा प्रकृति के साथ जुडने का मौका मिलेगा। वहां के स्थानीय समुदाय को आमदानी होगी। अत: आप फसले उगाओ वहां जो पर्यटक आए उनको दिखाओ और कमाओ। 

एग्रो टूरिज्म के मुख्य सिद्धान्त क्या है। 

आपके खेत पर अनोखा पर अर्थात आगंन्तुको के देखने के लिए कुछ खास होना चाहिए जैसे जैविक खेतीए पशुपालनए प्राकृतिक आवासए बगीचाए फूलों की खेती। आतिथ्य अर्थात पर्यटकों की सेवा के लिए उचित व्यवस्था हो अर्थात पर्यटकों के रहने की अच्छी व्यवस्था होए साफ सुथरा मकानए झोपी कोटेज हो वह आरामदायक स्थिति में रह पाएए खाने की अच्छी व्यवस्था हो। उत्पाद बिक्री अर्थात अतिथियों के खरीदने के लिए कुछ खास हो जैसे ग्रामीण शिल्प, जैविक अनाज, देशी घी आदि।

एग्रो टूरिज्म शुरू कैसे करें

  • कृषि पर्यटन शुरू करने के लिए सबसे पहले मजबूत इच्छा शक्ति यानी कि आपके अंदर इरादा होना चाहिए कुछ नया करने का फिर स्थान चयन,  बुनियादी ढाचा और सुविधाए मुख्य होती है।
  • सही स्थान का चयन : खेत- गाँव का ऐसा स्थान चुनें जहाँ प्राकृतिक सुंदरता हो, पास में कोई पहाडी- मन्दिर अथवा प्रसिद्ध स्थान हो। पानी, सडक और बिजली की सुविधा होनी चाहिए।
  • आधारभूत सरचना- पर्यटकों के ठहरने के लिए साफ.सुथरे कमरे या झोपडियाँ या कोटेज बनाएं।
  • बुनियादी सुविधाएँ - देसी खाना और ग्रामीण अनुभव। गांव की फीलिंग एवं सुविधा शहर वाली अर्थात ग्रामीण परिवेश के साथ आधुनिक सुविधाओं का समायोजन करना।