गेलार्डिया की खेती शुरू करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
(सभी तस्वीरें- हलधर)प्रदेश में फूलों की खेती दूसरे राज्यों की तुलना में कम है। महज ढाई हजार हैक्टेयर क्षेत्र इसके अन्तर्गत आता है। ऐसे में फूलों के खेती की बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं। किसान भाई अगर दूसरी फसलों के साथ-साथ फूलों की खेती करें तो वर्ष भर अच्छी आय ले सकते हैं। मौसमी पुष्पों में गेलार्डिया एक महत्वपूर्ण है। यह सर्दी के मौसम में आसानी से उगाया जा सकता है। अक्टूबर में बुवाई करने पर सर्दियों में फूल आते हैं।
उन्नत किस्म: गेलार्डिया पिक्टा, गेलार्डिया लोरेंजियाना। (निजी कम्पनियां भी इसका बीमा उपलब्ध करवाती हैं। बीज के गुण-धर्म देखकर खरीद सकते हैं। बिल जरूर लें।)
बीज दर: 500-600 ग्राम प्रति हैक्टेयर।
बीज की बुवाई: बीज की बुवाई हेतु प्लास्टिक ट्रे, लकड़ी के खोखों का उपयोग किया जा सकता है। 4-6 सप्ताह बाद पौध रोपाई के लिए तैयार हो जाती है।
बीजोपचार: 2 ग्राम थायरम प्रति किलो बीज।
पौध तैयार करना
क्यारी: 10-15 सेमी ऊपर उठी।
1 हैक्टेयर हेतु: 150 वर्ग मीटर क्षेत्र नर्सरी। नर्सरी में 3 × 1 मीटर लम्बी क्यारी।
खाद: 30 किलोग्राम वर्मी कम्पोस्ट अथवा गोबर खाद प्रति क्यारी।
नर्सरी उपचार: 2 ग्राम कार्बेण्डाजिम प्रति लीटर पानी की दर से घोल तैयार करके छिड़काव करें।
पौधे की दूरी: 3 सेमी
कतार की दूरी: 5 सेमी
कीट नियंत्रण: नर्सरी में 2 मिली डाइमिथोएट अथवा 1.5 मिली इमिडाक्लोप्रिड प्रति लीटर पानी से छिड़काव करें।
पौध रोपण: 7-10 सेमी लम्बी पौध होने पर।
खाद-उर्वरक: 200 किलो यूरिया, 400 किलो सुपर फास्फेट, 100 किलो पोटाश उर्वरक प्रति हैक्टेयर। यूरिया की शेष आधी मात्रा 45 दिन पश्चात् खड़ी फसल में दें। गोबर खाद 10-13 टन।
खेत की तैयारी: खेत की 3 से 4 जुताई करें और पाटा लगाकर खेत को समतल कर लें।
पौध की रोपाई
कतार की दूरी: 60 सेमी
पौधे की दूरी: 45 सेमी