डायबिटीज से पाचन तक, अलसी का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद
(सभी तस्वीरें- हलधर)स्वस्थ रहने के लिए आहार में फल-सब्जियों के साथ-साथ विभिन्न तरह के बीजों को भी जरूर शामिल करना चाहिए। ऐसे ही बीजों में से एक है अलसी, जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। यह शरीर को स्वस्थ रखने में फायदेमंद हैं। अलसी के बीजों से बने काढ़े का नियमित रूप से सेवन कई बीमारियों के इलाज में फायदेमंद है.
दो चम्मच अलसी के बीजों को दो कप पानी में मिला लें। आधा रह जाने तक उबालें। तैयार काढ़ा छान लें और थोड़ा ठंडा होने पर पिएं.
फायदे हैं अनेक
ब्लड शुगर : डायबिटीज और ब्लड शुगर की समस्या से पीड़ित लोगों के लिए अलसी का काढ़ा वरदान साबित होता है। नियमित रूप से सुबह खाली पेट असली के काढ़े के सेवन से डायबिटीज का स्तर नियंत्रित रहता है.
थाइराइड : सुबह खाली पेट अलसी का एक कप काढ़ा हाइपोथाइराइड और हाइपरथाइराइड दोनों स्थितियों में फायदेमंद है.
हार्ट ब्लॉकेज : नियमित रूप से तीन महीने तक अलसी का काढ़ा पीने से आटरी में ब्लॉकेज दूर होता है और आपको एंजियोप्लास्टी कराने की जरूरत नहीं पड़ती। अलसी में मौजूद ओमेगा-3 शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल एलडीएल के स्तर को कम करता है और हृदय संबंधी बीमारियों को रोकने में मदद करता है। हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल कर शरीर को डीटॉक्सिफाई करता है.
जोड़ों का दर्द : साइटिका, नस का दबना, घुटनों जैसे जोड़ों के दर्द में अलसी के काढ़े का नियमित सेवन फायदेमंद है.
मोपापा (मोटापा) : काढ़ा शरीर में जमा हुई अतिरिक्त वसा को निकालने में मदद करता है, जिससे मोटे होने का खतरा नहीं रहता। अलसी में मौजूद फाइबर भूख को कम करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है.
पेट समस्या : नियमित रूप से अलसी का काढ़ा पीने से कब्ज, पेट दर्द, पेट अफरा जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.
बाल और त्वचा : आधा चम्मच अलसी के बीज रोज सुबह गर्म पानी के साथ लेने से बालों के झड़ने की समस्या भी हल होती है। तीन-चार महीने तक नियमित रूप से काढ़ा पीने से बाल सफेद होना रुक जाता है। अलसी के तेल की मालिश करने से बाल मजबूत और चमकदार होते हैं। इससे त्वचा के रूखेपन, कील-मुंहासे, एग्जिमा, एलर्जी जैसी समस्याओं में राहत मिलती है.