भारत में जुटेगी दुनिया की कृषि ताकत, छह दिन तक खेती के भविष्य पर महामंथन
भारत में जुटेगी दुनिया की कृषि ताकत, छह दिन तक खेती के भविष्य पर महामंथन
(सभी तस्वीरें- हलधर)नई दिल्ली। भारत अप्रैल 2027 में वैश्विक कृषि अनुसंधान और नवाचार का बड़ा केंद्र बनेगा। सीजीआईएआर और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने 12 से 17 अप्रैल, 2027 तक नई दिल्ली में ‘सीजीआईएआर विज्ञान एवं साझेदारी सप्ताह’ आयोजित करने की घोषणा की है। आयोजन आईसीएआर और सीजीआईएआर संयुक्त रूप से करेंगे।
छह दिवसीय आयोजन में दुनियाभर के कृषि वैज्ञानिक, किसान, सरकारों के प्रतिनिधि, स्टार्टअप और व्यावसायिक संस्थान एक मंच पर जुटेंगे। इसमें किसानों तक पहुंच चुके कृषि नवाचारों की समीक्षा के साथ उन तकनीकों पर मंथन होगा, जिन्हें बड़े पैमाने पर खेतों तक पहुंचाया जा सकता है!आईसीएआर महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि भारत और सीजीआईएआर की साझेदारी पांच दशकों से अधिक पुरानी है। इस सहयोग ने फसल सुधार, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में सीजीआईएआर के 10 अनुसंधान केंद्र भारत में फसल, जल, पशुधन, मत्स्य पालन, पोषण और कृषि नीति से जुड़े क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
डॉ. जाट के अनुसार आयोजन में जलवायु अनुकूल कृषि, डिजिटल कृषि एवं एग्रीस्टैक, कृषि मशीनीकरण, श्री अन्न, प्राकृतिक खेती, जल प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य प्रमुख विषय रहेंगे। इसके अलावा कृषि स्टार्टअप, सार्वजनिक-निजी भागीदारी तथा कृषि क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।
भारत इस मंच के जरिए दक्षिण-दक्षिण सहयोग को भी आगे बढ़ाएगा। खासतौर पर अफ्रीकी और अल्पविकसित देशों के साथ भारत में सफल कृषि तकनीकों और नवाचारों को साझा करने पर जोर रहेगा। डॉ. जाट ने कहा कि यह आयोजन कृषि विज्ञान, तकनीक और सफल कार्यप्रणालियों के वैश्विक आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।