45 डिग्री की भीषण गर्मी से धान की बेहन पर संकट
(सभी तस्वीरें- हलधर)प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से धान की बेहन (नर्सरी) झुलसने लगी है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण नर्सरी की नमी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे पौध पीली पड़ने और सूखने की समस्या सामने आ रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा मौसम धान की कोमल पौध के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। यदि समय रहते उचित देखभाल नहीं की गई तो रोपाई के दौरान किसानों को कमजोर पौध का सामना करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
बेहन को बचाने के लिए अपनाएं ये उपाय
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि धान की नर्सरी में सुबह और शाम हल्की सिंचाई जरूर करें, ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहे। दोपहर के समय खेत में पानी की पतली परत रखने से भी तापमान का असर कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि नर्सरी को तेज धूप से बचाने के लिए हरी जाली, पुआल या सूखी घास का हल्का आवरण उपयोग करना फायदेमंद रहेगा। इससे पौध पर सीधे पड़ने वाली गर्मी कम होगी और नमी लंबे समय तक बनी रहेगी।
पौध में दिखें ये लक्षण तो तुरंत करें उपचार
यदि धान की पौध में पीलेपन, पत्तियों के सूखने या झुलसने के लक्षण दिखाई दें तो सूक्ष्म पोषक तत्वों और जरूरी दवाओं का छिड़काव करें। खेत की मेड़ों को मजबूत रखने और अनावश्यक पानी की निकासी रोकने की भी सलाह दी गई है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार
अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में किसानों को बेहन की नियमित निगरानी करने और सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि धान की पौध को नुकसान से बचाया जा सके।