जैविक सब्जी खेती में खरपतवार प्रबंधन: कम लागत, अधिक उत्पादन उपाय

नई दिल्ली 01-Jan-2026 03:52 PM

जैविक सब्जी खेती में खरपतवार प्रबंधन: कम लागत, अधिक उत्पादन उपाय

(सभी तस्वीरें- हलधर)

देश विदेश में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती हुई जागरूकता के कारण लोगों के खानपान में बहुत बदलाव हुआ है। जहां पर लोग जैविक कृषि उत्पादों जैसे खाद्यान्न, फ ल और सब्जियों का उपयोग करने लगे हैं। जैविक उत्पादों की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए किसानों का जैविक खेती की ओर रुझान बड़ा है। लेकिन, किसानों को जैविक खेती को अपनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिनमें खरपतवार का नियंत्रण एक काफी महंगा कार्य है, जो किसानों के मुनाफे को कम करता है। 

खेत में खरपतवार का प्रवेश 

  • मानव, पक्षी और हवा के द्वारा। 
  • बगीचे में मिट्टी समतलीकरण के दौरान मिट्टी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने पर। 
  • कार्बनिक तत्वों और गोबर खाद उपयोग करने पर। 
  • जैविक पलवार के रूप में खरपतवार उपयोग करने पर। 

फसल पर प्रभाव

  • खरपतवार मुख्य फ सल के साथ पोषक तत्व, प्रकाश, स्थान, नमी आदि को लेकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। जिससे फ सल वृद्धि और उत्पादन में कमी आती है। 
  • खरपतवार अनेक प्रकार के कीट और बीमारियों को आश्रय देते हैं, जिससे मुख्य फसल को हानि होती है। 
  • बगीचे में खरपतवार, जल , उर्वरक, कीट और रोगों प्रबंधन में बाधा पहुंचते है। 

यांत्रिक क्रियाविधि

खुरपी अथवा खुरपीनुमा यंत्र । छोटे क्षेत्र और खेतों में इस प्रकार के यंत्र काफी  उपयोगी पाए गए हैं। फ ावड़ा, दातेदार कुदारी फ ावड़ा । इस प्रकार के निंदाई यंत्र बहुवर्षीय खरपतवारों और कठिन परिस्थितयों में खरपतवारों को जड़ सहित निकालने में अधिक उपयोगी होते हैं

खींचकर चलाए जाने वाले लम्बे हत्थे के निंदाई यंत्र। चूँकि इस प्रकार के निंदाई यंत्र हल्के होते है। पहियेदार निंदाई यंत्र यंत्रों के द्वारा अन्य निंदाई यंत्रों की तुलना में अधिक कार्यक्षमता के साथ निंदाई कार्य सम्पन्न किया जा सकता है। ट्रैक्टर संचालित यन्त्र। बड़े क्षेत्र में कतारों में बोई गई सब्जियों के बीच से खरपतवार को आसानी से निकाला जा सकता है । इस विधि में सबसे कम खर्चा लगता है और कम समय में अधिक क्षेत्र में निराई गुड़ाई का काम हो सकता है।

जैविक क्रियाविधि

खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए जैविक साधन जैसे कीट, रोगजनक  आदि और अन्य जानवरों का उपयोग किया जाता है। जैविक नियंत्रण विधि से खरपतवारों को कम किया जा सकता है। लेकिन खरपतवारों का उन्मूलन संभव नहीं है।


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