बदलते मौसम में फसलों की सुरक्षा, कृषि विशेषज्ञों ने जारी की एडवायजरी

नई दिल्ली 22-Apr-2026 06:34 PM

बदलते मौसम में फसलों की सुरक्षा, कृषि विशेषज्ञों ने जारी की एडवायजरी

(सभी तस्वीरें- हलधर)

बढ़ते तापमान और लू के असर को देखते हुए कृषि-मौसम विशेषज्ञों ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है। गर्म और शुष्क मौसम की वजह से फसलों में नमी तेजी से कम हो रही है जिससे उत्पादन पर असर डाल सकता है। ऐसे में सिंचाई, मल्चिंग और फसल संरक्षण के उपाय बेहद जरूरी हो गए हैं।

राजस्थान और तेलगांना

राजस्थान में जायद मूंग, कपास, भिंडी, तरबूज, खरबूजा, टिंडा और ककड़ी जैसी फसलों के लिए हल्की सिंचाई और नमी बनाए रखने को कहा गया है। तेलगांना में आम के बागानों और सब्जियों की जरूरत के मुताबिक सिंचाई करने के आदेश दिए गए हैं।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में मूंग, सब्जियों और नए लगाए गए सुपारी व नारियल के पौधों की नियमित सिंचाई करने की सलाह दी गई है, जबकि विदर्भ में ग्रीष्मकालीन फसलों जैसे-मूंग, मूंगफली, प्याज, सूरजमुखी, तिल और चारा फसलों को सुबह-शाम हल्की और बार-बार सिंचाई करने को कहा गया। साथ ही, वाष्पीकरण कम करने के लिए पुआल बिछाकर मल्चिंग और नई फसलों पर शेड नेट लगाने की भी सलाह दी गई है।

गुजरात और ओडिशा

वहीं, गुजरात में ग्वार, खीरा, लौकी, तोरई और करेला जैसी फसलों में हलकी सिंचाई जरूरी बताई गई, जबकि मूंगफली में फूल और गांठ बनने के समय पानी देना जरूरी है। ओडिशा में बोरो धान, मक्का, मूंग, उड़द और सब्जियों के साथ आम और काजू के बागानों में मिट्टी में नमी बनाए रखने को कहा।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ृ

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मक्का, मूंगफली, सब्जियों और फलों की फसलों में नियमित सिंचाई के साथ-साथ निराई-गुड़ाई के बाद हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई।वहीं छत्तीसगढ़ में गेहूं और चने की कटाई पूरी कर सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया है.

बिहार और आंध्र प्रदेश

बिहार में किसानों को हल्की और बार-बार सिंचाई के साथ मल्चिंग अपनाने और फलों के साथ के पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए छायादान का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। आंध्र प्रदेश में धान, मक्का, ज्वार, चना, मूंगफली, तिल, गन्ना, सब्जियों और बागानों में अच्छी मात्रा नमी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पंजाब और हरियाणा

वहीं, पंजाब और हरियाणा में ग्रीष्मकालीन मूंग, कपास, सब्जियां, आम, लोकाट और अमरूद जैसी फसलों में नियमित सिंचाई जरूरी बताई गई है। साथ ही, उत्तर प्रदेश में संकर मक्का, जायद चना, हरा चना, सब्जियों और गन्ने की फसलों की हल्की सिंचाई कर मिट्टी की नमी बनाए रखने को कहा।


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