मटर और मेथी की फसल में छाछ्या रोग पर नियंत्रण के लिए करें यह उपाय

नई दिल्ली 28-Feb-2026 07:25 PM

मटर और मेथी की फसल में छाछ्या रोग पर नियंत्रण के लिए करें यह उपाय

(सभी तस्वीरें- हलधर)

किसान भाइयों कृषि कार्यों को समय पर करने और उन्नत कृषि विधियां अपनाने पर कृषि से अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। समय पर कृषि क्रियाएं करने से रोग व कीटों का आक्रमण कम हो जाता है तथा इनसे होने वाली हानि को रोककर उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। मटर और मेथी की फसल में छाछ्या प्रकोप होने पर समय पर नियंत्रण करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाता है और इससे उत्पादन में भारी गिरावट हो सकती है।

आज हम आपको मटर और मेथी की फसल में छाछ्या रोग पर नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक सलाह बता रहे हैं। नीचे बताए गए उपाय कर किसान भाई अपनी फसल को फली छाछ्या रोग के प्रकोप से बचा सकते हैं।

समस्या: मटर और मेथी की फसल में छाछ्या प्रकोप। 

लक्षण: इस मौसम में मटर और मेथी की फसल में छाछ्या रोग (पाउडरी मिल्ड्यू) के प्रकोप की संभावना होती है। इस रोग में पौधे की पत्तियों और टहनियों पर सफेद चूर्ण दिखाई देता है। 

समाधान: मटर और मेथी की फसल में छाछ्या रोग का प्रकोप दिखाई देने पर 25 किलो गंधक के चूर्ण का भूरकाव करें। अथवा एक मिलीलीटर सल्फेक्स का प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें।

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