मूली में कीट नियंत्रण बालदार सूंडी, पत्तागोभी तितली और माहूं से बचाव
(सभी तस्वीरें- हलधर)मूली सदाबहार फसल है। इसकी खाद्य जड़ें विभिन्न रंगों जैसे सफेद से लाल रंग की होती हैं। मूली विटामिन बी 6, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम और रिबोफ्लेविन का मुख्य स्रोत है। इसमें एस्कॉर्बिक एसिड, फोलिक एसिड और पोटैशियम भी भरपूर मात्रा में होता है। मूली की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों में पत्ता काटने वाली सूंडी, सरसों की मक्खी और एफिड शामिल हैं। ऐसे में बेहतर उपज के लिए कीट नियंत्रण जरूरी है।
बिहार की बालदार सूंडी
नियंत्रण के लिए क्विनालफॉस 25 ईसी 1.5 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें।
पत्तागोभी की तितली
मैलाथियान अथवा कार्बोरिल 5 प्रतिशत चूर्ण 15-20 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से भुरकाव करें। अथवा क्विनालफॉस 25 ईसी 1.5 मिली प्रति हेक्टेयर की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें।
माहूं
नियंत्रण के लिए खेत में पीले चिपचिपे ट्रैप लगाएं। अथवा 100 लीटर पानी में 1.25 लीटर नीम तेल का घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। अथवा डाइमिथोएट 30 ईसी 1.5 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।