नेपियर घास की खेती कब करें, जानें पूरी वैज्ञानिक विधि

नई दिल्ली 14-Jul-2026 12:58 PM

नेपियर घास की खेती कब करें, जानें पूरी वैज्ञानिक विधि

(सभी तस्वीरें- हलधर)

यह भूमि संरक्षण के लिए उपयुक्त और बहुवर्षीय चारा फसल है। आधा बीघा क्षेत्र में नेपियर की खेती से 4-5 पशुओं के लिए पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध हो जाता है। नेपियर बाजरा की खेती से हरा चारा 2-2.5 माह में प्राप्त होने लगता है और 5-6 साल तक उत्पादन मिलता रहता है। इस चारे की पाचनशीलता 60-70 प्रतिशत रहती है।

  • भूमि:- अच्छे जल निकास वाली भूमि बलुई दोमट मृदा उपयुक्त।
  • भूमि की तैयारी :- 1-2 गहरी जुताई करके पाटा लगाएं।
  • उन्नत किस्म:- पूसा जांयट, एनबी.-21, को-1, आईजीएफआरआई-3, 6, 7, 10, यशवंत, स्वातिका(संकर नेपियर) आदि।
  • बुवाई समय:- जून-जुलाई।
  • बीज की मात्रा :- 2500-28000 टुकड़े प्रति हैक्टेयर।

रोपण का तरीका

शुद्ध फसल 30-50 सेमी. के अन्तराल पर लगाते हैं। दूसरी फसलों के साथ लगाने पर इसे 100-50 सेमी. के अन्तराल पर लगाये बुवाई करते समय टुकड़ों को लाइनों में बने गड्डों पर जमीन में 45 डिग्री का कोण बनाते हुये लगाते हैं। टुकड़ों में कम से कम तीन गांठें हों और दो गांठों को जमीन के अंदर दबाएं। एक गांठ जमीन के ऊपर रखें। नेपियर बाजरा घास की बुवाई कूड़ों में भी की जा सकती है। नमी वाले खेतों में 90 सेमी. की दूरी पर हल से कूड़ बना लिए जाते हैं। इसमें टुकड़ों को डालकर पाटा लगा दिया जाता है। इस विधि में पर हैक्टेयर 12-15 हजार टुकड़ों की आवश्यकता होती है।

खाद- उर्वरक:- 12-15 टन सड़ी गोबर की खाद। 40 किग्रा नत्रजन, 60 किग्रा फॉस्फोरस प्रति हैक्टेयर। प्रत्येक कटाई के बाद 30 किग्रा नत्रजन पर हैक्टेयर देना चाहिये।


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