1 बीघा पपीता की खेती ने बदली किस्मत, किसान बना लखपति

नई दिल्ली 14-Jul-2026 12:26 PM

1 बीघा पपीता की खेती ने बदली किस्मत, किसान बना लखपति

(सभी तस्वीरें- हलधर)

मुचवा, चितौडगढ़़। पपीता का एक पेड़ किसान को हजार से ज्यादा की आय दे सकता है। बशर्ते, पपीता के बगीचे की देखरेख अच्छी की जाए। पपीता के एक पेड़ से हजार की आय लेने वाला यह किसान है लाल सिंह मीणा। जिन्होंने बीघा भर जमीन से लाख रूपए की आमदनी ली है। इससे सकल आय का आंकड़ा बढक़र डेढ़ लाख रूपए तक जा पहुंचा है। बता दें कि कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में अपनाई गई पपीता की खेती से ना केवल आमदनी का ग्राफ बढ़ा है । बल्कि, गांव में नई पहचान भी मिली है। किसान लाल सिंह मीणा ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास महज 5 बीघा जमीन है। इसी जमीन के सहारे परिवार का गुजारा चलता है। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र से जुडऩे के बाद कृषिगत आय बढौत्तरी के  लिए कुछ ना कुछ नया कर रहा हॅू। इससे अब परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पहले परम्परागत फसलों के उत्पादन तक सीमित रहने से आय का आंकड़ा ठिठका रहता था। 5 बीघा जमीन से लाख रूपए की आमदनी भी नहीं मिलती थी। इस स्थिति को जब मैने कृषि वैज्ञानिकों के सामने रखा तो उन्होंने मुझे पपीता की खेती से जुडऩे की सलाह दी। उनके मार्गदर्शन में ही एक बीघा जमीन में पपीता की खेती का श्री गणेश किया। परिणाम रहा कि जमीन के इस रकबे से लाख रूपए की अतिरिक्त आमदनी मिली है। इससे मुझे समझ आ गया कि खेती का लाभकारी बनाने के लिए बागवानी फ सल उत्पादन से जुडऩा जरूरी है। उन्होने बताया कि सिंचाई के लिए मेरे पास ट्यूबवैल है। 

मिश्रित बगीचा स्थापित

उन्होंने बताया कि पपीता खेती के परिणाम देखने के बाद अब दो बीघा जमीन मे मिश्रित बागवानी को अपनाया है। जिसमें सीताफल, नींबू और अमरूद के पौधें शामिल है। यह पौधें एक साल के हो चुके है। वहीं, परम्परागत फसलों में मक्का, सोयाबीन, गेहूं और चना का उत्पादन लेता हॅू। इन फसलों से सालाना 50-60 हजार रूपए की आमदनी मिल जाती है।

दुग्ध से भी आय

उन्होंने बताया कि पशुधन में मेरे पास 3 भैंस, 2 गाय और 4 बकरी है। प्रतिदिन 10 लीटर दुग्ध की बिक्री डेयरी को 40 रूपए प्रति लीटर की दर से कर रहा हॅू। इससे मासिक पांच से सात हजार रूपए की बचत मिल जाती है। वहीं, पशु अपशिष्ट से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करके खेतों में उपयोग कर रहा हॅू। वर्मी कम्पोस्ट की दो बेड़ मेरे पास है। 

स्टोरी इनपुट: डॉ. आरएल सोलंकी, केवीके, चित्तौडग़ढ़


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