गर्मी और लू से मधुमखिया बेहाल पालको की बढ़ी चिंता, जानिए बचाव के आसान उपाय
गर्मी और लू से मधुमखिया बेहाल पालको की बढ़ी चिंता, जानिए बचाव के आसान उपाय
(सभी तस्वीरें- हलधर)देशभर में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू का असर अब मधुमक्खी पालन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तापमान में तेज बढ़ोतरी के कारण मधुमक्खियों की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे शहद उत्पादन में गिरावट आने की आशंका बढ़ गई है। कई इलाकों में मधुमक्खियों के छत्तों के कमजोर होने और कॉलोनियों के नष्ट होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार
अत्यधिक गर्मी में मधुमक्खियां छत्ते का तापमान नियंत्रित नहीं कर पातीं, जिससे उनके स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता पर असर पड़ता है। तेज लू और पानी की कमी के कारण मधुमक्खियां भोजन की तलाश में दूर तक नहीं जा पातीं। इसका सीधा असर शहद उत्पादन और परागण प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
उपाय अपनाने की साला दी है
मधुमक्खी पालन विशेषज्ञों ने पालकों को कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह दी है ताकि गर्मी के मौसम में नुकसान को कम किया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तों को सीधे धूप से बचाकर पेड़ों की छाया या शेड नेट के नीचे रखना चाहिए। साथ ही छत्तों के आसपास साफ पानी की व्यवस्था जरूरी है, ताकि मधुमक्खियों को पर्याप्त नमी मिल सके। इसके अलावा छत्तों में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखने, समय-समय पर निरीक्षण करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आहार देने की भी सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही देखभाल और सावधानी बरतकर गर्मी और लू के असर से मधुमक्खियों को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है
यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की परागण प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है, जिसका असर कृषि उत्पादन पर पड़ेगा।