रेबीज: जानवर का काटना बन सकता है मौत की वजह
(सभी तस्वीरें- हलधर)रेबीज एक सक्रामक बीमारी है, जो मनुष्य सहित सभी प्रकार के गर्म खून वाले जीवों को प्रभावित कर सकती है। यह विकार संक्रमित जानवर की लार द्वारा प्रेषित होता है और न्यूरोट्रोपिक लाइसिसिवर्स वायरस के कारण होता है जो लार ग्रंथियों और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। वायरस संक्रमित पशुओं के काटने और खरोचने से मनुष्यों में फैलता है। भारत में, प्रत्येक वर्ष रेबीज से 18,000 से 20,000 मृत्यु होती हैं। एक बार जब व्यक्ति को रेबीज के संकेत और लक्षण होने शुरू हो जाते हैं, तो बीमारी लगभग हमेशा मौत का कारण बनती है। इस कारण से, जिस किसी को भी रेबीज होने का खतरा हो सकता है, उन्हें सुरक्षा के लिए रेबीज का टीका लगवा लेना चाहिए। रेबीज को लेकर हलधर टाइम्स की डॉ. जोगेन्द्र लोल से हुई वार्ता के मुख्यांश...

रेबीज क्या है?
रेबीज एक घातक रेबड़ो वायरस है जो संक्रमित जानवरों की लार से लोगों में फैलता है। रेबीज वायरस आमतौर पर काटने से फैलता है। एक बार जब कोई व्यक्ति रेबीज के लक्षण दिखाना शुरू कर देता है, तो यह रोग लगभग हमेशा मृत्यु का कारण बनता है। इस कारण से, जिन लोगों को रेबीज होने का खतरा हो सकता है, उन्हें सुरक्षा के लिए रेबीज के टीके लगवाने चाहिए।
रेबीज मानव के लिए कैसे घातक है ?
रेबीज वायरस आपके शरीर में तब प्रवेश करता है जब किसी संक्रमित जानवर की लार (थूक) खुले घाव (आमतौर पर काटने से) में मिल जाती है। यह आपके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (आपके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) में नसों के साथ बहुत धीरे-धीरे चलता है। जब यह आपके मस्तिष्क तक पहुंचता है, तो क्षति न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बनती है। वहां से रेबीज वायरस संक्रमित व्यक्ति को कोमा और मौत की ओर ले जाता है।
रेबीज किसे प्रभावित करता है?
यदि आप किसी ऐसे जानवर द्वारा काटे जाते हैं जिसमें रेबीज वायरस है तो आपको रेबीज होने के खतरे में हैं। अंटार्कटिका महाद्वीप को छो? दिया जाए तो यह दुनिया भर के लोगों को प्रभावित कर सकता है। आमतौर पर रेबीज वयस्कों की तुलना में बच्चों को ज्यादा होता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है वहीं वह जानवरों से खुद की रक्षा करने में समर्थ नहीं होते।
रेबीज शरीर को कैसे प्रभावित करता है?
घाव से होते हुए रेबीज वायरस व्यक्ति के मस्तिष्क तक चला जाता है जिसकी वजह से संक्रमित को निम्न चरणों से गुजरना पड़ता है।
रेबीज का निदान कैसे किया जाता है?
अधिकांश बीमारियों के विपरीत, आपको रेबीज के निदान के लिए लक्षणों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। यदि आपको किसी जंगली जानवर या किसी पालतू जानवर ने काट लिया है या खरोंच द्रिया है, जिसे रेबीज हो सकता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से इस बारे में बताना चाहिए और उचित उपचार लेना शुरू कर देना चाहिए। डॉक्टर आपके घाव या खरोंच की जाँच करेंगे और आपसे जानवर के बारे में पूछेंगे। यदि आपको किसी पालतू जानवर ने काटा है तो डॉक्टर आपसे उसके निर्धारित टीकाकरण की जानकारी साझा करने करने के लिए कह सकते हैं।