कुलगुरु डॉ. डूंकवाल ने जैविक खाद अपनाने का किया आह्वान

नई दिल्ली 12-Oct-2026 06:13 PM

कुलगुरु डॉ. डूंकवाल ने जैविक खाद अपनाने का किया आह्वान

(सभी तस्वीरें- हलधर)

बूंदी। कृषि विज्ञान केंद्र, बूंदी की ओर से भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के सहयोग और मारुति सुजुकी की सीएसआर परियोजना के तहत किसान मेला एवं प्रदर्शनी आयोजित की गई। ‘किण्वित जैविक खाद से समृद्ध मृदा, आय वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन’ विषय पर आयोजित मेले में 1000 से अधिक किसानों ने भाग लिया।

मुख्य अतिथि कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल ने कहा कि मृदा कृषि उत्पादन की बुनियाद है और इसकी उर्वरता बनाए रखना खाद्य सुरक्षा के लिए जरूरी है। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों के इस्तेमाल के साथ किण्वित जैविक खाद एवं अन्य जैविक स्रोतों को खेती में शामिल करने का आह्वान किया।-केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर के निदेशक डॉ. अरुण तोमर ने पशुपालन एवं भेड़ पालन को किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

प्रधान वैज्ञानिक डॉ. कपिला शेखावत और परियोजना समन्वयक डॉ. संजय सिंह राठौर ने किण्वित जैविक खाद से मृदा स्वास्थ्य सुधार की जानकारी दी। कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के डॉ. एम.सी. जैन, डॉ. महेंद्र सिंह तथा कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. महेश चौधरी ने किसानोपयोगी अनुसंधान, नई तकनीकों और प्रशिक्षण गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

मेले में कृषि तकनीकों, कृषि यंत्रों, बीजों एवं मूल्य संवर्धित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए तथा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार भी वितरित किए गए।