सरसों की बुवाई पर गर्मी की मार, किसान 20 अक्टूबर तक करें इंतजार 

नई दिल्ली 12-Oct-2026 05:54 PM

सरसों की बुवाई पर गर्मी की मार, किसान 20 अक्टूबर तक करें इंतजार 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। रबी की बुवाई को लेकर किसान पसोपेश में है। बारिश की कमी के बीच ज्यादा तापमान फसल बुवाई में दिक्कत खड़ी कर रहा है। किसान भी बीज खराब होने की आंशका के चलते फिलहाल बुवाई से हिचक रहे हैं। जबकि, सरसों बुवाई का उचित समय शुरू हो चुका है। कृषि अधिकारियों का भी मानना है कि अधिक तापमान में फसलों की बुवाई होने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। विभाग की ओर से अभी कुछ इंतजार कर बुवाई करने की सलाह किसानों दी जा रही है। उनके अनुसार रबी की बुवाई के लिए 23 से 28 डिग्री तक ही तापमान होना चाहिए। जबकि, अभी औसतन 35 से 40 डिग्री तापमान दर्ज हो रहा है। उल्लेखनीय है कि बारिश की कमी से खरीफ में हुए नुकसान के बाद अब किसान रबी फसल की तैयारी में जुटे हैं। कई किसानों ने हकाई कर बुवाई के लिए खेत तैयार कर लिए है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि रबी फसल की बुवाई जमीन में नमी और तापमान पर निर्भर करती है। जमीन में नमी कम होने की दशा में बुवाई करने से किसानों की बीज लागत बढ़ जाती है। वहीं, तापमान की अधिकता से बीज अंकुरण में दिक्कत आती है। इससे बीज खराब होने का डर बना रहता है।

20 अक्टूबर करें बुवाई

सरसों अनुसंधान संंस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि तापमान को देखते हुए अभी किसानों को सरसों की बुवाई से बचना चाहिए। किसान 20 अक्टूबर के बाद ही सरसों की बुवाई करें। यदि जमीन में नमी कम है तो बीज दर ज्यादा रखकर किसान बुवाई कर सकते है।

नहीं हुआ श्रीगणेश

तापमान ज्यादा होने से प्रदेश के भरतपुर, करौली, दौसा, सवाईमाधोपुर, टोंक सहित दूसरे जिलों में अभी सरसों बुवाई का श्रीगणेश नहीं हो पाया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसान खेत तैयार करके तापमान कम होने का इंतजार कर रहे है। उम्मीद है कि आगामी सप्ताह से भरतपुर क्षेत्र में सरसों की बुवाई किसान कर सकते है। गौरतलब है कि प्रदेश में सरसों बुवाई का श्रीगणेश भरतपुर जिले से होता रहा है।

केवीके बूंदी ने जारी की एडवाइजरी

कृषि विज्ञान केन्द्र बूंदी ने सरसों उत्पादक किसानों के लिए एडवाईजरी जारी की है। केन्द्र के विशेषज्ञ डॉ. महेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि किसान बीज उपचार के लिए कार्बेन्डाजिम 50 डब्ल्यूपी 2 ग्राम अथवा ट्राइकोडर्मा हार्जियानम 10 ग्राम प्रति किग्रा. बीज की दर से उपयोग करें। उन्होंने बताया कि शुरुआती अवस्था में पेंटेड बग सहित रसचूसक कीटों से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड 70 डब्ल्यूएस 5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज से बीज उपचार की सिफ ारिश की गई है।

15 तक शुष्क रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। जबकि , पूर्वी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। 


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