CIAH में शुष्क क्षेत्रों की अल्प उपयोगित फसलों पर आयोजित हुआ राष्ट्रीय प्रशिक्षण
CIAH में शुष्क क्षेत्रों की अल्प उपयोगित फसलों पर आयोजित हुआ राष्ट्रीय प्रशिक्षण
(सभी तस्वीरें- हलधर)केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान (CIAH), बीकानेर में आईसीएआर प्रायोजित 21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। “शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में अल्प उपयोगित उद्यानिकी फसलों की क्षमता का दोहन: खाद्य, पोषण एवं आर्थिक सुरक्षा हेतु” विषय पर आधारित यह प्रशिक्षण 28 जनवरी से 17 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केन्द्र (NRCC) के निदेशक डॉ. ए. के. पूनिया रहे।
52 व्याख्यान और 6 प्रायोगिक सत्र
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. लालू प्रसाद यादव ने बताया कि इस विंटर स्कूल में देश के 9 राज्यों से 26 प्रतिभागियों का चयन किया गया। 21 दिनों के दौरान 52 विशेषज्ञ व्याख्यान और 6 हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। साथ ही प्रतिभागियों को अनुसंधान संस्थानों, मॉडल फार्मों और कृषि-उद्योग इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया।
जलवायु-अनुकूल बागवानी पर रहा जोर
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में CIAH निदेशक डॉ. जगदीश राणे ने कहा कि शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों की अल्प उपयोगित फसलें जलवायु परिवर्तन के दौर में पोषण सुरक्षा, आय वृद्धि और सतत कृषि प्रणाली को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान विंटर स्कूल की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पूनिया ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित करते हुए जलवायु-अनुकूल उद्यानिकी, मूल्य संवर्धन और उद्यमिता विकास पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह प्रशिक्षण वैज्ञानिकों के लिए क्षमता निर्माण और ज्ञान आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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