पशु आहार में शामिल करें लवण
(सभी तस्वीरें- हलधर)धौलपुर |पशु विज्ञान केन्द्र, धौलपुर द्वारा ग्राम-विक्रमपुरा, में डेयरी पशुओ में बांझपन कि समस्या विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. योगेन्द्र कुमार मीना ने बताया कि दूधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हुई है,वैसे-वैसे प्रजनन क्षमता में गिरावट आई है। पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता उनकी प्रजनन क्षमता पर निर्भर करती है।
ब्यांत अंतराल में गड़बड़
बाँझपन की स्थिति में दुधारू गाय अपने सामान्य ब्यांत अंतराल को क़ायम नहीं रख पाती । सामान्य ब्यांत अंतराल को क़ायम रखने के लिए पशु ब्याने के बाद 45-60 दिनों के मध्यांतर मद में आ जाना चाहिए और 100 दिनों के भीतर गाभिन हो जाना चाहिए ।
यह है कारण
बांझपन के कारण कई हैं जैसे मादा में कुपोषण, संक्रमण, जन्मजात दोषों, प्रबंधन त्रुटियों और अंडाणुओं या हार्मोनों के असंतुलन के कारण हो सकती है। पशुओं में बांझपन का प्रमुख कारण है पोषण की कमी। यदि पशु ब्याने के 60 दिनों के बाद भी मद (गर्मी) में नहीं आता है तो पशु की पशुचिकित्सक से जांच करानी चाहिएI जिससे की पशु जल्द से जल्द मद में आ जाये ।
पशु आहार में दें लवण
पशु आहार में क्षेत्र विशेष खनिज लवण मिश्रण और नमक को अवश्य शामिल करना चाहिए पशुओ में तनाव कम करने वाली विटामिन या अन्य खाद्य योगको को भी देना चाहिए।