ICAR ने खोजा अरहर का पूरा जीनोम, अब तेजी से विकसित होंगी नई किस्में
(सभी तस्वीरें- हलधर)नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने अरहर का उत्पादन और उत्पादक ता बढौत्तरी का रास्ता खोज लिया है। यह उपलब्धि अरहर की लोकप्रिय आशा किस्म पर आधारित है। भविष्य में अधिक उपज देने वाली, रोग प्रतिरोधी और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल नई किस्मों के विकास का रास्ता खोलेगी। दरअसल, आईसीएआर ने अरहर का जीनोम कोड़ हासिल करने में सफलता हासिल की है। जो पूरी तरह तैयार टेलोमेयर-टू-टेलोमेयर जीनोम है।
क्या है टी टू टी जीनोम
टी टू टी जीनोम किसी भी फसल के डीएनए का सबसे सटीक और पूर्ण संस्करण माना जाता है, जिससे पौधे के प्रत्येक गुण को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। आईसीएआर के अनुसार, इस जीनोम में लगभग 75.26 करोड़ बेस पेयर शामिल हैं, जिन्हें 92 कॉन्टिग्स में व्यवस्थित किया गया है। इसमें अरहर के सभी 11 गुणसूत्रों की संपूर्ण संरचना दर्ज की गई है।
विकास में मिलेगी तेजी
अब आधुनिक तकनीकों जैसे मॉलिक्यूलर ब्रीडिंग, मार्कर असिस्टेड ब्रीडिंग और जीन एडिटिंग के माध्यम से नई और उन्नत किस्मों का विकास पहले की तुलना में अधिक तेजी से किया जा सकेगा। नई किस्में कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देंगी, रोगों का अधिक प्रभाव नहीं होगा और बदलते मौसम की परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार देने में सक्षम होंगी।