देश का पहला एग्री पीवी प्लांट, किसान बनेंगे अन्नदाता और ऊर्जादाता
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर, 23 जून। कुंदनपुरा (बस्सी-तूंगा) में पायलट प्रोजेक्ट सफल—कुसुम योजना के तहत स्थापित पारम्परिक सौर पैनलों की ऊँचाई बढ़ाकर एग्री‑पीवी मॉडल लागू करने से किसान अब बिजली के साथ फसल उत्पादन भी कर रहे हैं। इंडियन काउन्सिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकॉनोमिक रिलेशंस (ICRIER) और कोटक महिंद्रा बैंक के वित्तीय सहयोग से किसान श्री कजोडमल जाट के 2023 में स्थापित 0.5 मेगावाट क्षमता के कंपोनेंट‑ए प्लांट के सोलर पैनलों को 10–12 फीट ऊँचा किया गया, जिससे ट्रैक्टर की आवाजाही संभव हुई और पैनलों के नीचे मक्का व मिर्च की सफल फसल उगाई जा रही है।
परंपरागत कुसुम पैनलों की तुलना में यह एग्री‑पीवी तकनीक भूमि पर सूरज की रोशनी का संतुलन बनाए रखकर दोनों — बिजली और फसल — उत्पादन सक्षम बनाती है तथा पैनलों की सफाई व रखरखाव भी आसान करती है। चेयरमैन डिस्कॉम्स सुश्री आरती डोगरा ने संयंत्र का मंगलवार को अवलोकन कर इसे प्रदेश के कृषि और किसानों के लिए परिवर्तनकारी बताया और कजोडमल व ग्रामीणों की पहल की प्रशंसा की। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की निदेशक सुमन चन्द्रा बुधवार को इस प्लांट का औपचारिक शुभारम्भ करेंगी।प्रोजेक्ट ने दिखाया है कि भविष्य में सौर पैनलों के नीचे विविध फसलों की खेती कर ग्रामीणों को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनने का रास्ता मिल सकता है।