कोयले से बनेगा खाद का नया भविष्य ! जल्द आएगी कोल गैसीफिकेशन पॉलिसी
(सभी तस्वीरें- हलधर)यूरिया उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार लाएगी नई कोल गैसीफिकेशन पॉलिसी, किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत । देश में बढ़ती यूरिया मांग और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्र सरकार अब कोयला गैसीफिकेशन (Coal Gasification) पर बड़ा दांव खेलने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अगले एक महीने के भीतर नई पॉलिसी ला सकती है, जिसके जरिए कोयले से गैस बनाकर यूरिया उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
सरकार का मानना है
इस तकनीक से देश में घरेलू स्तर पर खाद उत्पादन को मजबूती मिलेगी और यूरिया आयात पर खर्च होने वाली बड़ी राशि में कमी आएगी। खास बात यह है कि भारत के पास कोयले का बड़ा भंडार मौजूद है, जिसका इस्तेमाल अब ऊर्जा के साथ-साथ कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में भी किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार
कोल गैसीफिकेशन तकनीक के जरिए सिंथेटिक गैस तैयार की जाती है, जिसका उपयोग यूरिया और अन्य रसायनों के उत्पादन में किया जा सकता है। इससे उर्वरक उद्योग को स्थिर कच्चा माल मिलने के साथ उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। सरकार की इस पहल से आने वाले समय में किसानों को खाद उपलब्धता में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, “आत्मनिर्भर भारत” मिशन के तहत उर्वरक क्षेत्र को भी नई दिशा मिल सकती है।