हाड़ौती के किसानों को मिलेगी मूंग और सोयाबीन की नई किस्में
(सभी तस्वीरें- हलधर)कोटा। कृषि अनुसंधान केन्द्र पर संभागीय अनुसंधान और विस्तार सलाहकार समिति की दो दिवसीय बैठक कृषि विश्वविद्यालय कोटा के अनुसंधान निदेशक डॉ. एमसी जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान मूंग की एक और सोयाबीन की दो किलों को पीओपी में शामिल करने की सिफारिश की गई। वहीं, 2 फसल उत्पादन और एक उद्यानिकी तकनीक सहित कुल 6 नई सिफारिशों का अनुमोदन हुआ। बैठक में डॉ. जैन ने कहा कि पॉली हाउस में फॉगर के उपयोग से आर्द्रता बनी रहती है। इससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने अनुसंधान कार्यों में कृषकों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखने पर बल दिया। इससे पूर्व क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डा. बीएस मीणा ने गत बैठक में लिए गए निर्णयों की अनुपालना की जानकारी दी। साथ ही, खरीफ फसलों के शोध परिणामों पर प्रकाश डाला। बैठक में संभाग के लिए मूंग की किस्म एमएच-1142 और सोयाबीन किस्म जेएस-22-12 और जेएस 22-16 को उत्पादन केलिए अनुशंसित किया गया। बैठक में धान की सीधी बुवाई में मिनी फव्वारा पद्धति से सिंचाई जल प्रबंधन, वर्षा आधारित परिस्थितियों में अमरूद बाग में सोयाबीन- चना की अंतरफसल और चिकनी तूरई में सफेद रोली संबंधी तकनीकों को अनुमोदन किया गया।
नई किस्में एक नजर
सोयाबीन किस्म
जेएस-22-12: यह किस्म 90-92 दिन में पककर तैयार हो जाती है। इसकी उपज क्षमता 20-22 क्विटल प्रति हैक्टयर है। यह मध्यम ऊँचाई की, पीले रंग के दाने और उच्च अंकुरण क्षमता वाली किस्म है बीज मध्यम आकार, काले रंग नाभिका वाले होते है। बीज मध्यम आकार जिनके 100 दानों का वजन 10.11 ग्राम होता है। इसमे तेल की मात्र 21.69 प्रतिशत पाई जाती है। यह किस्म पीला मोजेक, चारकोल रोट, पर्णीय झुलसान, एन्थ्रेकनोज, फली झुलसन, तना मख्यी, चक्रभृंग और पत्ती भक्षको के लिए मध्यम से उच्च प्रतिरोधी पाई गयी है।
जेएस-22-16: यह किस्म 90-91 दिन में पककर 18-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है। इसके 100 दानों का वजन 10.11 ग्राम होता है। इसमे तेल की मात्रा 22-04 प्रतिशत पायी जाती हैं। यह किस्म पीला मोजेक, चारकोल रोट, पर्णीय झुलसान, एन्थ्रेकनोज, फली झुलसन आदि बीमारियों के लिए मध्यम प्रतिरोधी से उच्च प्रतिरोधी है। वहीं, तना मुख्यी, चक्रभृंग और पत्ती भक्षकों के लिए मध्यम प्रतिरोधी गया है।
मूंग किस्म
एमएच-1142
मध्यम ऊंचाई की, सीधी, सीमित वृद्धि वाली यह किस्म 65-68 दिन में पककर 10-13 क्विंटल प्रति हैक्टयर उपज देती है। इस किस्म की फलियाँ काले रंग की और दाने मध्यम आकार के चमकीले हरे रंग के होते हैं। यह किस्म पीत चितकबरा, पर्ण कुंचन और पर्ण क्रिंकल रोग के लिए प्रतिरोधी है। वहीं, चूर्निल आसिता और एंथ्रैक्नोज के लिए मध्यम प्रतिरोधी है।