जैविक के लिए मजदूर बनी विदेशी मैम
(सभी तस्वीरें- हलधर)गुरू ऑर्गेनिक फार्म पर बहा रही है पसीना
जयपुर। जैविक और परम्परागत कृषि विधियों की जानकारी लेने के लिए एक विदेशी मैम इन दिनों मजदूर बनी हुई है। सुबह से शाम तक खेतों में पसीना बहा रही है। पौधों से आस-पास उगने वाले घास फूस यानी खरपतावार को अपने हाथों से उखाड़ कर नष्ट कर रही है। वहीं, नाक सिकोडक़र रख देने वाले गोबर और जैव कीटनाशियों की बदबू भी सहर्ष बर्दाश्त कर रही है। दरअसल, यहां हम बात कर रहे एंजेला की। जो जैविक खेती के गुर सिखने के लिए बेल्जियम से जयपुर पहुंची है। ऑर्गेनिक गुरू भंवर सिंह पीलीबंगा ने बताया कि एंजेला यहां करीब 10 दिन तक रहेगी और जैविक खेती के साथ-साथ परम्परागत कृषि पद्धतियों का अध्ययन करेगी।
यूट्यूब ने पहुंचाया जयपुर
एंजेला ने हलधर टाइम्स को बताया कि यूट्यूब पर जैविक किसान भंवर सिंह पीलीबंगा का विडियों देखकर प्रभावित हुई और बेल्जियम से जैविक खेती की जानकारी लेने के लिए जयपुर चली आई। यहां आकर काफी अच्छा लग रहा है। मेरी राजस्थान यात्रा का उद्धेश्य जैविक खेती क्या है, इसमें कौनसे आदानों का उपयोग होता है, कृषि फार्म और फसल को मैनेजमेंट कैसे होता है आदि सवालों का जवाब पाना है।
मजदूरों के साथ खाना-पानी
वैसे तो एंजेला रिटायर्ड कृषि वैज्ञानिक है। लेकिन, वह गुरू ऑर्गेनिक पर बिना पैसे मजदूरों की तरह खेती के गुर सीख रही है। दूसरे मजदूरों के साथ बैठकर राजस्थानी खाने का स्वाद ले रही है। उन्होंने बताया कि बेल्जियम में अधिकांश किसान रसायनिक खेती से जुड़े हुए है। पिछले कुछ सालों से दो दर्जन करीब किसान जैविक खेती करने लगे है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता भी फूलों की खेती से जुडे हुए थे।