किसान लुट रहा.... राजफेड के तुगलकी फरमान से
(सभी तस्वीरें- हलधर)सरकारी खरीद व्यवस्थाओं के लिए राजफेड तुगलकी फरमान जारी करने में पीछें नहीं रहाना किसान का परिवार संयुक्त हों जमीन के सह खातेदार के नाम पर मां बहन भाइयों को भी चना सरसों बेचना हो तों से अनावश्यक 500 का स्टाम्प ड्यूटी शुल्क लगेगा।500 रुपए का स्टाम्प ड्यूटी शुल्क बचाना हों तों ई-मित्र कियोस्क के पास मां बहन भाई खेती-बाड़ी का सारा काम काज छोड़कर जिंस बेचने के लिए पहूचों। खरीद केन्द्र पर खाली बारदाने का वज़न करते तों उसका वास्तविक वज़न 400 ग्राम होता है । कागजों में अधिक वज़न लिखा होता है उसकी पूर्ति करने के लिए खरीद केन्द्रों पर बारदाने के नाम पर 600 -700 ग्राम वज़न लिया जाता है।जो वास्तविक वज़न से 200-300 ग्राम वज़न का अन्तर है। यदि एक लाख क्विंटल चना एम एस पी पर खरीद की गई तों 29 लाख का चना अधिक तुलाकर उसका भुगतान भी किसानों को नहीं होगा। एफ सी आई द्वारा संचालित क़ृषि उपज मंडी समिति टोंक के खरीद केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। और मंडी समिति में तय मजदूरी दर हटकर 20 रुपये प्रति क्विंटल ग्रेडिंग मशीन लगाकर अवैध वसूली की जा रहीं थीं।
पीपलू तहसील में नहीं रहा एक भी खरीद केंद्र
पीपलू तहसील में तीन खरीद केन्द्र झिराना,डोडवाडी एवं बगडवा इन तीनों खरीद केन्द्र को समाप्त करने के कारण सम्पूर्ण पीपलू तहसील के जयपुर फागी तहसील सीमा के पास के किसानों को 60 किलोमीटर तक दूरी तय करके टोंक आना पड़ेगा। जिसके कारण किसानों को अनावश्यक ही आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, केंद्रीकृत व्यवस्था के कारण किसानों को लम्बी लाइनों कहीं दिनों तक खरीद केन्द्र रुकना पड़ेगा। जिसके कारण ख़रीद केन्द्रों पर मनमानी बढ़ेगी जिसके कारण किसानों को समय पर तुलाई के लिए खरीद केन्द्र को संचालित करने वालों को खुश करना पड़ेगा। किसान महापंचायत युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी एवं जिला अध्यक्ष गोपीलाल डोड़वाडी द्वारा प्रबंध निदेशक राजफेड जयपुर के नाम ज़िला कलेक्टर टोंक को ज्ञापन सौंपा गया और जिसमें यह बताया किया गया है कि किसान महापंचायत राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में 11 अक्टूबर 2019 को सरकार के साथ समझौता हुआ था ।
तहसील उनियारा निवाई टोडा रायसिंह में एक एक खरीद केन्द्र संचालित
सरकारी खरीद व्यवस्थाओं के लिए राजफेड के तुगलकी फरमान जारी करने में पिछे नहीं रहा चाहिए किसान का परिवार संयुक्त हों जमीन के सह खातेदार के नाम पर मां बहन भाइयों को भी चना सरसों बेचना हो तों से अनावश्यक 500 का स्टाम्प ड्यूटी शुल्क लगेगा। 500 रुपए का स्टाम्प ड्यूटी शुल्क बचाना हों तों ई-मित्र कियोस्क के पास मां बहिन भाई खेती-बाड़ी का सारा काम काज छोड़कर जिंस बेचने के लिए पहूचों। खरीद केन्द्र पर खाली बारदाने का वज़न करते तों उसका वास्तविक वज़न 400 ग्राम होता है । कागजों में अधिक वज़न लिखा होता है उसकी पूर्ति करने के लिए खरीद केन्द्रों पर बारदाने के नाम पर 600 -700 ग्राम वज़न लिया जाता है। जो वास्तविक वज़न से 200-300 ग्राम वज़न का अन्तर है। यदि एक लाख क्विंटल चना एम एस पी पर खरीद की गई तों 29 लाख का चना अधिक तुलाकर उसका भुगतान भी किसानों को नहीं होगा। एफ सी आई द्वारा संचालित क़ृषि उपज मंडी समिति टोंक के खरीद केन्द्र का *आकस्मिक निरीक्षण* किया गया। मंडी समिति में तय मजदूरी दर हटकर 20 रुपये प्रति क्विंटल ग्रेडिंग मशीन लगाकर अवैध वसूली की जा रहीं थीं। निर्धारित मापदंड में सही पायें जाने वाली जिंस की ग्रेडिंग कराईं जा रहीं थी। इसके बिल भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहें थें। जिन किसानों की जिंस तुलाई हुई उसके मानक क्या रहें इसका सैम्पल रिपोर्ट तैयार नहीं हो रहा था।