कोटा में प्राकृतिक खेती पर मेगा किसान कार्यशाला, ओम बिरला ने की शिरकत

नई दिल्ली 30-Jun-2026 12:45 PM

कोटा में प्राकृतिक खेती पर मेगा किसान कार्यशाला, ओम बिरला ने की शिरकत

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर/कोटा, 29 जून। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में कोटा में प्राकृतिक खेती विषय पर भव्य किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में करीब 1,000 किसानों ने हिस्सा लिया और प्राकृतिक खेती, कम लागत में बेहतर उत्पादन, कृषि विपणन, पशुपालन, उद्यानिकी और किसानों की आय बढ़ाने के आधुनिक तरीकों की जानकारी हासिल की। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

प्राकृतिक खेती समय की जरूरत: ओम बिरला

कार्यशाला को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि "खेत में किसान और सीमा पर जवान देश के प्राण हैं।" उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती भारत की प्राचीन विरासत है और मिट्टी की उर्वरता, मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर जोर

उन्होंने कहा कि हाड़ौती की उपजाऊ भूमि, अनुकूल जलवायु और पर्याप्त जल उपलब्धता इसे प्राकृतिक खेती के लिए देश के सबसे उपयुक्त क्षेत्रों में शामिल करती है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल उत्पादन, उद्यानिकी, मधुमक्खी पालन और पशुपालन अपनाकर अपनी आय बढ़ानी चाहिए।

सिंचाई परियोजनाओं से मिलेगा किसानों को लाभ

ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर की लंबित सिंचाई परियोजनाओं को गति मिली है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईआरसीपी और परवन जैसी परियोजनाएं पूरी होने के बाद हाड़ौती के किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी पानी उपलब्ध होगा।

डेयरी, कोल्ड स्टोरेज और बेहतर बाजार से बढ़ेगी आमदनी

उन्होंने बताया कि हर तहसील और पंचायत स्तर पर कोल्ड स्टोरेज विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि पशुओं के लिए हरा चारा सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही मदर डेयरी और सरस डेयरी के सहयोग से किसानों का दूध, फल और सब्जियां उचित मूल्य पर खरीदी जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को आधुनिक मार्केटिंग नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे वे हाड़ौती में रहते हुए ही दिल्ली, मुंबई सहित देश के बड़े बाजारों के भाव जान सकेंगे और अपनी उपज बेहतर कीमत पर बेच सकेंगे।

फलोद्यान और बहुफसली खेती को मिलेगा बढ़ावा

लोकसभा अध्यक्ष ने किसानों से आम, नींबू, जामुन, पपीता जैसे फलदार पौधों की खेती बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फल, फसल, वृक्ष और पशुपालन आधारित बहुमुखी खेती किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन सकती है। साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर किसानों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

हर पात्र किसान तक पहुंचेगी सरकारी योजनाएं

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर पात्र किसान तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचे। किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराएगा।

महिलाओं की भूमिका भी अहम

लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कहा कि यदि किसान कार्यशाला में मिली जानकारी को अपनाते हैं तो कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आ सकती है। उन्होंने ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कृषि में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया।

विशेषज्ञों ने सिखाई प्राकृतिक खेती की तकनीक

कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन जैसी तकनीकों की जानकारी दी। किसानों ने भी प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव साझा किए।राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कोटा जिले के 35 क्लस्टरों में अब तक 4,375 किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं और जिले का लगभग 4 प्रतिशत कृषि क्षेत्र प्राकृतिक एवं जैविक खेती के दायरे में आ चुका है।
कार्यक्रम के अंत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कृषि एवं प्राकृतिक उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी, महिला किसान और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


ट्रेंडिंग ख़बरें