कृषि में व्यापार का डिजिटल रूपांतरण राजस्थान कीर्तिमान रच रहा
(सभी तस्वीरें- हलधर)मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में कृषि व्यापार के डिजिटल रूपांतरण में राजस्थान कीर्तिमान रच रहा है कृषि बाजार प्लेटफार्म देश मंडियो को डिजिटल रूप में एकीकृत कर पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि व्यापार को आसान बना रहा है। राजस्थान में 173 मंडियों के ई-नाम में जुड़ने से लाखों किसानों सहित सभी हितधारकों के लिए अवसरों का विस्तार हुआ है और पारदर्शी एवं कुशल कृषि विपणन को गति मिली है। यही नहीं, प्रदेश के किसान अब ई-नाम के माध्यम से अपने कृषि उत्पादों को देश भर में बेच कर अपनी उपज के अधिक दाम पा रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिल रही है। इस उदेश्य के देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय कृषि बाजारकी शुरुवात 14 अप्रैल 2016 को की गई थी इस प्लेटफार्म पर ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया से खरीद और विक्रेता दोनों प्रदर्शित सुनिक्षित होती है फसल बचने के बाद सीधे किसानो के बैंक खातो में डिजिटल भुगतान की सुविधा है वेहपरियों को पुरे राज्य के लिए एककल लिएसेंस मिलता है जो राजियों के सभी बाजर में मानिये होता है
3.16 करोड़ मीट्रिक टन कृषि उपज का व्यापार, कीमत 1.30 लाख करोड़ से अधिक
राजस्थान में ई-नाम के माध्यम से 15 लाख 55 हजार से अधिक किसान, 87 हजार 509 व्यापारी और 27 हजार 989 कमीशन एजेंट्स को एक मंच पर लाया गया है। प्रदेश में 546 किसान-उत्पादक संगठन (एफपीओ) ई-नाम प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। ई-नाम के जरिए राजस्थान में 138 वस्तुओं का व्यापार किया जा रहा है। जैसे-जैसे यह प्लेटफॉर्म विकसित हो रहा है, बाजार का संपर्क बढ़ रहा है और व्यापार में भी तेजी आ रही है। 2016 से जनवरी 2026 तक ई-नाम प्लेटफॉर्म पर राजस्थान में 3.16 करोड़ मीट्रिक टन कृषि उपज का व्यापार हुआ है, जिसका कुल मूल्य एक लाख 30 हजार 772 करोड़ रुपए से अधिक है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
ई-नाम प्लेटफॉर्म डिजिटल भुगतान प्रणालियों को प्रोत्साहित करता है, जिससे किसानों के वित्तीय समावेशन में मदद मिल रही है। ई-ट्रांजेक्शन के सत्यापन योग्य वित्तीय रिकॉर्ड तैयार होने से संस्थागत ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं तक किसानों की पहुंच बढ़ती है। राजस्थान में 44 हजार 711 सौदों में 505 करोड़ रुपए से अधिक का ई-भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ई-नाम प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना को कृषक उपहार योजना में शामिल किया गया है। इस तरह ई-नाम के जरिए भुगतान प्राप्त करने वाले किसानों के साथ-साथ ई-भुगतान करने वाले व्यापारियों को भी नकद पुरस्कारऔर लॉटरी में शामिल किया जा रहा है। केवल ई-पेमेंट पर ही उपहार कूपन जारी किए जाने से किसान और व्यापारी ई-नाम पोर्टल पर बिक्री और तत्काल एवं सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
ई-नाम उपयोगकर्ता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002700224 के जरिए अपनी शिकायतों के बारे में सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं। किसानों और डिजिटल बाजार में पहली बार आने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए समस्याओं के समय पर समाधान और निरंतर तकनीकी सहायता मुहैया कराने में यह विशेष रूप से मददगार है।