कृषि विज्ञान मेला: मरुधरा में बदलती खेती की तस्वीर, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली 14-Feb-2026 06:55 PM

कृषि विज्ञान मेला: मरुधरा में बदलती खेती की तस्वीर, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि पहले प्रदेश सूखाग्रस्त और रेतीले धोरों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब कृषि वैज्ञानिकों और किसानों की मेहनत से यहां अनार, अंजीर और खजूर जैसे फलों की बेहतरीन पैदावार हो रही है। उन्होंने बताया कि अब गाजर की प्रचुर मात्रा दूसरे शहरों में निर्यात की जा रही है और मूंगफली का उत्पादन भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में मंडी स्थापित होने से किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। मंत्री पटेल कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर में नाबार्ड, इफको और आत्मा (कृषि विभाग) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वृहद कृषि विज्ञान मेले में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

जैविक खेती अपनाने का आह्वान

मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से जमीन की सेहत प्रभावित हो रही है। इस चुनौती को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक जैविक उर्वरकों के नए विकल्प विकसित कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए स्वास्थ्य और गुणवत्ता पर ध्यान देते हुए जैविक खेती अपनाएं।

डिग्गी-पौंड मॉडल से दोगुना फायदा

संसदीय कार्य मंत्री ने किसानों को खेतों में डिग्गी-पौंड की अवधारणा अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे सिंचाई प्रबंधन बेहतर होगा और फसल को दोगुना लाभ मिल सकता है। साथ ही युवाओं से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कृषि को अपनाएं, क्योंकि किसान की समृद्धि से ही देश और प्रदेश की आर्थिक उन्नति संभव है।

बेरोजगारी कम करने में कृषि की अहम भूमिका

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी ने कहा कि उन्नत खेती का संदेश हर गांव और ढाणी तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी कम करने का सबसे प्रभावी उपाय कृषि है। किसानों को गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा, तभी उनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वीकार्य होंगे। उन्होंने जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग का लाभ उठाने की भी सलाह दी।

प्रकाशनों का विमोचन और किसानों का सम्मान

मेले के दौरान स्मारिका सहित विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ स्टॉल और कृषि में नवाचार करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

125 से अधिक स्टॉल्स में आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन

मेले की थीम “मरुधरा में विकसित कृषि: आत्मनिर्भर भारत” रखी गई। परिसर में स्टार्टअप और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन करती सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं की 125 से अधिक स्टॉल्स लगाई गईं। इनमें कृषि स्टार्टअप, आधुनिक मशीनरी, बीज, उर्वरक, कीटनाशक, आयुर्वेदिक उत्पाद और मूल्य संवर्धन से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी गई।

वैज्ञानिकों ने कराया अनुसंधान क्षेत्रों का भ्रमण

मेले में आए किसानों को वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने अनुसंधान क्षेत्रों का भ्रमण कराया और उन्नत बीजों व नई तकनीकों की जानकारी दी। साथ ही किसानों के लिए विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन कर आधुनिक खेती के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया गया।

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