कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में दीक्षांत समारोह, राज्यपाल ने दिया ये ख़ास संदेश
कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में दीक्षांत समारोह, राज्यपाल ने दिया ये ख़ास संदेश
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि यह विद्यार्थियों के जीवन का एक नया आरंभ है। वे कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के सप्तम दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय परंपरा में दीक्षांत को ‘समावर्तन संस्कार’ बताते हुए विद्यार्थियों से समाज के प्रति समर्पित जीवन जीने का आह्वान किया।
ज्ञान को समाज तक पहुंचाने का आह्वान
राज्यपाल बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय में अर्जित ज्ञान का प्रकाश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना विद्यार्थियों का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में करें और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करते रहें।
कृषि में नवाचार और तकनीक पर जोर
बागडे ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसमें नवाचार आधारित शोध को बढ़ावा देना जरूरी है। आधुनिक कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि संभव है। उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान’ के मंत्र को अपनाने का आह्वान किया।
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण पर फोकस
राज्यपाल ने रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग से मिट्टी की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि “पानी की बचत ही उसका उत्पादन है।” पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से टिकाऊ कृषि विकसित करने पर जोर दिया।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने विश्वविद्यालय को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा ‘ए’ ग्रेड मिलने पर बधाई दी। उन्होंने उन्नत फसल किस्मों के विकास, कृषि मशीनरी परीक्षण केंद्र और मेहंदी कटाई मशीन जैसे नवाचारों की सराहना की। साथ ही मिलेट्स (मोटे अनाज) के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया।
403 विद्यार्थियों को उपाधि, 15 को स्वर्ण पदक
समारोह में कुल 403 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि 15 छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रावासों का लोकार्पण और विश्वविद्यालय प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।