मौसम की मार के बीच गेहूं उत्पादन पर असर: 2025-26 में मिलियन टन का अनुमान
मौसम की मार के बीच गेहूं उत्पादन पर असर: 2025-26 में मिलियन टन का अनुमान
(सभी तस्वीरें- हलधर)देश में गेहूं उत्पादन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। खाद्य सचिव के अनुसार, 2025-26 सीजन में भारत का गेहूं उत्पादन 110 से 120 मिलियन टन के बीच रहने का अनुमान है। यह गिरावट मुख्य रूप से खराब मौसम और फसल को हुए नुकसान के कारण देखी जा रही है।
सरकार के मुताबिक, इस साल कई राज्यों में असमय बारिश, गर्मी की लहर और जलवायु बदलाव ने गेहूं की फसल को प्रभावित किया है। खासतौर पर फसल पकने के समय मौसम के बिगड़ने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है।
मौसम बना बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च-अप्रैल के दौरान बढ़ती गर्मी और अचानक मौसम परिवर्तन से दाने की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हुई हैं। यही वजह है कि उत्पादन के आंकड़ों में कमी की आशंका जताई जा रही है।
सरकार की नजर आपूर्ति पर
खाद्य सचिव ने भरोसा दिलाया है कि उत्पादन में संभावित कमी के बावजूद देश में गेहूं की उपलब्धता और आपूर्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर सरकार बाजार में हस्तक्षेप भी कर सकती है।
किसानों और बाजार पर असर
उत्पादन घटने से एक तरफ जहां किसानों को नुकसान हो सकता है, वहीं दूसरी ओर बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में सरकार की नीतियां अहम भूमिका निभाएंगी। कुल मिलाकर, मौसम की मार ने इस बार गेहूं उत्पादन पर चिंता बढ़ा दी है, लेकिन सरकार स्थिति को संभालने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है।