अब 10 दिन ज्यादा चलेगा पनीर, NDRI ने विकसित की नई तकनीक
(सभी तस्वीरें- हलधर)करनाल। पनीर के शौकीनों के लिए खुशखबर है। अब पनीर जल्दी खराब नहीं होगा। दरअसल, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल ने एंटीमाइक्रोबियल कोएगुलेंट फॉर्मुलेशन (एमसीएफ) नामक एक नवोन्मेषी तकनीक का विकास किया है। जिससे पनीर की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सकती है। संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि यह विकास पनीर की गुणवत्ता, भंडारण स्थिरता और बाजार में उपलब्धता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
10 दिन तक चलेगा उत्पाद
इस पेटेंट प्राप्त तकनीक से पनीर की शेल्फ लाइफ 10 दिनों से अधिक बढ़ने की संभावना है। जबकि उसके वांछित स्वाद, बनावट और समग्र गुणवत्ता को भी बनाए रखा जा सकता है। बढ़ी हुई शेल्फ लाइफ से पनीर के हैंडलिंग, परिवहन और विपणन में अधिक लचीलापन मिलेगा, जिस से उपभोक्ताओं तक अच्छी गुणवत्ता वाला पनीर अधिक आसानी से पहुंच सकेगा।
तकनीक को मिला पेटेंट
डेयरी माइक्रोबायोलॉजी के डॉ. प्रदीप बेहरे द्वारा विकसित एमसीएफ तकनीक को पेटेंट मिला है। यह फॉर्मुलेशन कोएगुलेटिंग और एंटीमाइक्रोबियल दोनों कार्य करता है। पनीर निर्माण के दौरान या डिपिंग ट्रीटमेंट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।