15 लाख पौध तैयार कर किसान राजवीर सालाना कमाते हैं 18 लाख
(सभी तस्वीरें- हलधर)
श्रीनगर, अजमेर। सफलता एक दिन में नहीं मिलती। लेकिन, निरंतर मेहनत से एक दिन मिल ही जाती है। कुछ ऐसा ही किसान राजवीर हिचनियां के साथ हुआ। पहले यह अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए सब्जी फसलों की पौध तैयार करते थे। लेकिन, अब सब्जी उत्पादन के साथ-साथ नर्सरी को व्यवसाय बना लिया है। इससे खेती से सालाना 15-18 लाख रुपए की आमदनी मिलने लगी है। गौरतलब है कि किसान बनने से पहले राजवीर मोबाइल शॉप चलाते थे। किसान राजवीर ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास 20 बीघा जमीन है। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के चलते 10वीं पास करने के साथ ही पढ़ाई छोड़ दी और आजीविका के लिए मोबाइल शॉप खोल ली। करीब 15 साल यह काम किया। लेकिन, पिछले सात साल से खेती कर रहा हूं। उन्होंने बताया कि खेती से आय बढ़ाने के लिए पॉली हाउस लगाया। इससे उत्पादन अच्छा मिलने लगा। लेकिन, बाद में उत्पादन में गिरावट आना शुरू हो गई। इस स्थिति को देखते हुए पॉली हाउस को हाइटेक नर्सरी में तब्दील कर दिया। अब इसमें सालाना 10-15 लाख पौध तैयार करके किसानों को बिक्री कर रहा हूं। सब्जी पौध में टमाटर, मिर्च, बैंगन के अलावा पुष्प फसल शामिल है। सिंचाई के लिए मेरे पास 4 ट्यूबवैल, 2 कुएं है और 20 बीघा जमीन में ड्रिप का जाल बिछाया हुआ है।
15 बीघा में सब्जी उत्पादन
उन्होंने बताया कि 15 बीघा क्षेत्र में सब्जी फसलों का उत्पादन ले रहा हूं। इसमें बैंगन, मिर्च, टमाटर, ब्रोकली, पत्ता-फूलगोभी, धनिया, पालक सहित अन्य मौसमी सब्जी फसल शामिल है। इन फसलों से खर्च निकालने के बाद आठ-दस लाख रुपए की औसत बचत मिल जाती है।
फूल की खेती भी लाभकारी
उन्होंने बताया कि सब्जी फसल चक्र को बनाए रखने के लिए गुलदाउदी और गेंदा फूल का भी उत्पादन लेता हूं। पुष्प फसल से बचत का आंकड़ा बाजार भाव पर निर्भर करता है। लेकिन, इतना तय है कि इस काम में नुकसान की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
नस्ल सुधार पर जोर
उन्होंने बताया कि पशुधन में मेरे पास 3 बैल है। जबकि, पशुओं की संख्या 15 के करीब है। उन्होंने बताया कि अब मेरा फोकस नस्ल सुधार पर है। इसके लिए गिर, थार पारकर आदि नस्ल की बछियों को तैयार कर रहा हूं।