गांवों में गरीबी खत्म करने के लिए मिशन समृद्ध
(सभी तस्वीरें- हलधर)नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिशन समृद्ध गांव योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से गांवों में गरीबी खत्म करने का लक्ष्य है। इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य ऐसे मॉडल गांव विकसित करना है, जहां हर परिवार के पास रोजगार हो, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और लोगों को मजबूरी में पलायन न करना पड़े।
एमपी में पायलट प्रोजेक्ट
मध्य प्रदेश के चयनित ब्लॉकों में पायलट मॉडल के रूप में शुरुआत कर इसे पूरे देश में लागू किया जाना है। मिशन के तहत मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी और देवास जिले के खातेगांव ब्लॉक में पायलट मॉडल विकसित किए जाएंगे, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं के समन्वय के माध्यम से गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और समग्र ग्राम विकास को साकार किया जाएगा। सफल मॉडल को बाद में देश के अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
तैयार होगा विकास का रोड़मैप
मिशन समृद्ध गाँव के तहत चयनित ब्लॉकों में परिवार से लेकर ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर तक समेकित विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। प्रत्येक परिवार की आवश्यकताओं और पात्रता के आधार पर उसे केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के अभिसरण के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी मिशन का हिस्सा बनाया जाएगा।
समेकित कृषि पर जोर
उन्होने कहा छोटे और सीमित कृषि जोत वाले किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना जरूरी है। किसानों को केवल अनाज उत्पादन तक सीमित न रखते हुए फल एवं सब्जी उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन जैसी विविध गतिविधियों से जोडऩा होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए वेयरहाउस, खाद्य प्रसंस्करण और उत्पादन आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।