रेड़ डालने वालों पर एसीबी की रेड़, बीज घूसकांड़ के आरोपी 12 तक रिमांड पर

नई दिल्ली 08-Jun-2026 01:49 PM

रेड़ डालने वालों पर एसीबी की रेड़, बीज घूसकांड़ के आरोपी 12 तक रिमांड पर

(सभी तस्वीरें- हलधर)

बीकानेर। बीकानेर घूसकांड़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपनी जांच तेज कर दी है। इससे कई बड़े चहरे बेनकाब हो सकते है। मामले में एसीबी अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें बीज निगम का निदेशक जुगल किशोर विश्नोई, स्वतंत्र ज्याणी, दलाल सुनील सेतिया, गुजरात बीज कंपनी का अधिकारी किरणभाई कापड़िया, गणपत और फलोदी निवासी सतपाल सहित अन्य लोग शामिल है। एसीबी ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 4 दिन का रिमांड लिया है। उधर, फलौदी विधायक पब्बाराम विश्रोई के निजी सचिव को एसीबी ने बीज घूसकांड़ के मामले में जयपुर से गिरफ्तार किया है। इससे सरकार की जीरो टोलरेंस नीति पर भी सवाल उठा है। कुल मिलाकर पूरे मामले पर निगाह डाले तो रेड़ डालने वालों पर एसीबी ने रेड डाली है। 

यह है मामला
गौरतलब है कि राजस्थान राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई और उनके रिश्तेदार स्वतंत्र ज्याणी को 2.43 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया है। पूरा मामला कृषि मंत्री द्वारा मूंगफली बीज फैक्ट्री पर पिछले दिनों की गई छापेमार कार्रवाई से जुड़ा बताया गया है। इस कार्यवाही में गुजरात की गजराज कंपनी का करीब 15 करोड़ रूपए का मूंगफली का अमानक बीज बरामद कर सीज किया गया था। इस मामले को रफा दफा करने के लिए दलाल सुनील सेतिया सक्रिय हुआ था। बता दें कि बीज दलाल सुनील सेतिया खुद भी बीज कारोबारी है। किरणभाई कापड़िया का गजराज मूंगफली बीज में गुप्त रूप से पार्टनर बताया जाता है. सुनील सेतिया की नाइस एग्री जेनेटिक्स के नाम से भी बीज कंपनी है. 

जांच में कई खुलासे
एसीबी ने शुरूआती जांच में 2 करोड़ 45 लाख रुपये की नकदी तो बरामद की है। साथ ही,  करीब करोड़ो रुपये के संदिग्ध हिसाब-किताब, दस्तावेज भी जब्त किए है। वहीं, ज्वेलरी सहित बीकानेर सहित कई स्थानों से करोड़ों रुपये की कथित वसूली के सबूत भी मिले है। उल्लेखनीय है कि डीजी एसीबी गोविंद गुप्ता के निर्देशन में फिलहाल मामले की जांच जारी है। इससे कई नई परतें खुलने की संभावना है।

कटघरे में सरकार
बीज के नाम पर लूट का खेल सामने आने के बाद बैठे बिठाए विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। इससे सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने सरकार पर कई सवाल दागे है। कांग्रेस का आरोप है कि कृषि विभाग की छापेमारी कृषि आदान व्यापारियों पर दबाव और अवैध वसूली के सिवाय और कुछ नहीं है। डोटासरा ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी कई छापेमारी अभियानों के दौरान कृषि मंत्री के साथ नजर आते थे। अब तक करीब 500 करोड़ रूपए की उगाही कारोबारियों से हो चुकी है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये की यह राशि आखिर किन लोगों तक पहुंच रही थी। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि इस रिश्वत कांड से बीजेपी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की पोल खुल गई है। जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा इस कथित नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

जांच जारी, राजनीति तेज
फिलहाल एसीबी मामले की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं इस मामले को लेकर राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।