कृषि पर्यवेक्षक भर्ती 2026 पर बवाल, RLP ने जांच की मांग उठाई
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर के द्वारा जारी किए कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा-2026 के परिणाम पर विवाद गहराता जा रहा है। कृषि छात्रों के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी भर्ती परिणाम पर सवालिया निशान लगाया है। पार्टी के युवा नेता का कहना है कि एक दो-मामलों में चमत्कार संभव है। लेकिन, जब ऐसे केस की संख्या 40-50 के करीब हो तो सीधे तौर पर भर्ती परिणाम में गड़बड़ी की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। पार्टी के युवा नेता लादूराम गोदारा ने बताया कि छात्र हित में सरकार को परीक्षा परिणाम की जांच करवानी चाहिए। ताकि, मेहनतकश छात्रों के साथ न्याय हो सके। उन्होंने कहा कि इस भर्ती में जो टॉपर रहे हैं, वह सभी नैनवा-बूंदी क्षेत्र के हैं। वहीं, एक ही परिवार से चयनित होने वालों की संख्या भी काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि एक-दो मामलों में चमत्कार संभव है। लेकिन, यहां तो तीन दर्जनों से ज्यादा मामले ऐसे हैं। ऐसे में पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है।
छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
उधर, सरकार की चुप्पी पर कृषि छात्रों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाएं। नहीं, तो शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
परिणाम कटघरे में क्यों
भर्ती परीक्षा के परिणाम के विश्लेषण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जो भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि घोषित परिणाम में दर्जन से अधिक मामले ऐसे हैं, जिसमें एक ही माता-पिता की दो संतानों का चयन हुआ है। वहीं, सफल घोषित अभ्यर्थियों के परिणाम अंग्रेजी के कैपिटल अक्षर में हैं। जबकि, 15 से ज्यादा अभ्यर्थियों के माता-पिता और अभ्यर्थी का नाम के शुरुआती अक्षर कैपिटल और शेष स्मॉल में हैं। वहीं, कुछ मामलों में माता का नाम ही गायब है। कृषि छात्र संगठनों का कहना है कि एक-दो मामलों में एक ही माता-पिता की संतान का एक साथ चयन होने के मामले तो समझ में आते हैं। लेकिन, ऐसे दर्जनभर मामले हैं, जो विश्वास से परे हैं।