सवा लाख हैक्टयर क्षेत्र होगा सिंचिंत
(सभी तस्वीरें- हलधर)सवाई माधोपुर। पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल और सिंचाई की बरसों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने के लिए संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चम्बल (पीकेसी) लिंक परियोजना के तहत प्रस्तावित डूंगरी बांध निर्माण सवाई माधोपुर एवं करौली जिलों की 1.25 लाख हैक्टयर भूमि सिंचित होगी। साथ ही, दोनों जिलों को पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे किसानों की आय बढेगी, उद्योग-धंधों, पर्यटन और स्थानीय रोजगार में भारी वृद्धि होगी। गौरतलब है कि परियोजना की पूर्व निर्धारित ऊंचाई 230 मीटर को घटाकर अब 227.5 मीटर कर दिया गया है।
16 गांव होंगे प्रभावित
डूंगरी बांध के बनने से केवल 16 गांवों का आबादी क्षेत्र ही प्रभावित होगा, जिनमें सवाई माधोपुर जिले के मात्र 10 गांवों का आबादी क्षेत्र ही शामिल हैं। यह अधिकांश क्षेत्र पहले से मोरेल और बनास नदी की बाढ से नियमित रूप से प्रभावित होता रहा है। गौरतलब है कि बांध निर्माण को लेकर 76 गांवों के प्रभावित होने का भ्रम फैलाया जा रहा है।
नए सिंचाई क्षेत्र का विकास
संशोधित पीकेसी लिंक परियोजना से कुल 2 लाख 51 हजार हैक्टयर नवीन सिंचाई क्षेत्र सृजित होंगे और 1 लाख 52 हजार हैक्टयर सिंचाई क्षेत्र का पुर्नस्थापन होगा। करौली जिले में 71 हजार 775 हैक्टयर और सवाई माधोपुर 53 हजार 225 हैक्टयर क्षेत्र में नए सिंचित क्षेत्र विकसित होंगे। इस प्रकार दोनों जिलों में कुल 1 लाख 25 हजार हैक्टयर क्षेत्र में नवीन सिंचित क्षेत्र विकसित होंगे। साथ ही, 33 हजार हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र का पुनर्स्थापन भी संभव होगा।