देशभर में FMD वैक्सीनेशन की लहर, जानें कैसे बचाएं अपना पशुधन

नई दिल्ली 04-May-2026 12:47 PM

देशभर में FMD वैक्सीनेशन की लहर, जानें कैसे बचाएं अपना पशुधन

(सभी तस्वीरें- हलधर)

खुरपका-मुंहपका (FMD) पशुओं में जानलेवा बीमारी होती है। ऐसे पशु जिनके पैरों में खुर हैं और दो खुर के बीच अंतर है तो यह खतरनाक है। इस बीमारी के होने से उत्पादन पर भी असर पड़ता है। गाय-भैंस, भेड़-बकरी आदि पशु इसकी चपेट में ज्यादा और जल्दी आ जाते हैं। 

एफएमडी (FMD) बीमारी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी डेयरी और पशुपालन सेक्टर के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। एफएमडी से निपटने के लिए देश में अगले चरण की एफएमडी वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू हो चुका है।

एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक, कुछ राज्य ऐसे हैं जहां वैक्सीनेशन का छठा चरण चल रहा है, वहीं कई राज्य ऐसे भी है जहां सातवां-आठवां दौर चल रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि खुरपका-मुंहपका की रोकथाम के लिए जरूरी है कि इस बीमारी के लक्षण मालूम हो। साथ ही, उसके फैलने की वजह पता हों जिससे इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सके।

इन लक्षणों से करें पहचान

  • पशु को 104 से 106 तक तेज बुखार आना।
  • एफएमडी से ग्रसित पशु को भूख कम लगेगी।
  • पशु सुस्त नजर आएगा और मुंह से लार बहुत टपकेगी।
  • मुंहपका हो जाते हैं और अंदर-बाहर फोफले होने लगेंगे, खासतौर से जीभ और मसूड़ों पर।
  • पशु के पैर में खुर के बीच वाली जगह पर घाव हो जाएंगे।
  • अगर पशु गाभिन है तो उसका गर्भपात या बांझपन हो जाता है।
  • पशु के थन में सूजन और दूध देने में दिक्कत होगी।

कैसे फैलता है एफएमडी

  • बरसात के दिनों में दूषित चारा और दूषित पानी पीने से।
  • बारिश में खुले में चरने से भी एफएमडी फैलता है।
  • खुले में पड़ी सड़ी-गली चीजें खाने से।
  • एफएमडी पशुओं के संपर्क में आने से।

रोकथाम के उपाय

  • पशु पीड़ित हो या न हो उसका टीककरण के लिए रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं।
  • पशु की ईयर टैगिंग जरूर करवाएं।
  • साल में दो बार पशु का टीककरण करवाएं।
  • पशु के बैठने-खड़े होने की जगह को साफ-सूखा रखें।


ट्रेंडिंग ख़बरें