देशभर में FMD वैक्सीनेशन की लहर, जानें कैसे बचाएं अपना पशुधन
(सभी तस्वीरें- हलधर)खुरपका-मुंहपका (FMD) पशुओं में जानलेवा बीमारी होती है। ऐसे पशु जिनके पैरों में खुर हैं और दो खुर के बीच अंतर है तो यह खतरनाक है। इस बीमारी के होने से उत्पादन पर भी असर पड़ता है। गाय-भैंस, भेड़-बकरी आदि पशु इसकी चपेट में ज्यादा और जल्दी आ जाते हैं।
एफएमडी (FMD) बीमारी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी डेयरी और पशुपालन सेक्टर के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। एफएमडी से निपटने के लिए देश में अगले चरण की एफएमडी वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू हो चुका है।
एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक, कुछ राज्य ऐसे हैं जहां वैक्सीनेशन का छठा चरण चल रहा है, वहीं कई राज्य ऐसे भी है जहां सातवां-आठवां दौर चल रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि खुरपका-मुंहपका की रोकथाम के लिए जरूरी है कि इस बीमारी के लक्षण मालूम हो। साथ ही, उसके फैलने की वजह पता हों जिससे इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सके।
इन लक्षणों से करें पहचान
कैसे फैलता है एफएमडी
रोकथाम के उपाय