दूध से बनता है शरीर मजबूत, जानिए कौन सा दूध सबसे बेहतर

नई दिल्ली 10-Jan-2026 05:32 PM

दूध से बनता है शरीर मजबूत, जानिए कौन सा दूध सबसे बेहतर

(सभी तस्वीरें- हलधर)

भारत के विकास की आधारशिला श्वेत क्रांति है। श्वेत क्रांति विश्व के भोजन का आधार है। राष्ट्र के समुदाय का स्वास्थ्य ही उसकी संपत्ति है। समुदाय अथवा लोगों का स्वास्थ्य भोजन पर आधारित होता है। दूध संपूर्ण आहार है। दूध के बिना जीवन अधूरा है। दूध एक अपारदर्शी सफेद द्रव है जो मादाओं के दुग्ध ग्रन्थियों द्वारा बनाया जाता है। नवजात शिशु तब तक दूध पर निर्भर रहता है जब तक वह दूसरे पदार्थों का सेवन करने में अक्षम होता है। दूध में मौजूद संघटक हैं - पानी, ठोस पदार्थ, वसा, लैक्टोज, प्रोटीन, खनिज वसा विहिन ठोस। अगर हम दूध में मौजूद पानी की बात करें तो सबसे ज्यादा पानी गधी के दूध में 91.5% होता है, घोड़ी में 90.1%, मनुष्य में 87.4%, गाय में 87.2%, ऊंटनी में 86.5%, बकरी में 86.9% होता है। दूध में कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, फास्फोरस, आयोडीन, आयरन, पोटैशियम, फोलेट्स, विटामिन ए, विटामिन डी, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी-12 प्रोटीन आदि मौजूद होते हैं। गाय के दूध में प्रति ग्राम 3.14 मिली ग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है। गाय का दूध पतला होता है जो शरीर में आसानी से पच जाता है। आयुर्वेद के अनुसार गाय के ताजा दूध को ही उत्तम माना जाता है। पुराणों में दूध की तुलना अमृत से की गई है, जो शरीर को स्वस्थ मजबूत बनाने के साथ-साथ कई सारी बीमारियों से बचाता है। भैंस के दूध में प्रति ग्राम 0.64 मिली ग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है। भैंस के दूध में गाय के दूध की तुलना में 92 प्रतिशत कैल्शियम, 37 प्रतिशत लौह और 118 प्रतिशत अधिक फॉस्फोरस होता है। इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर के अनुसार गाय के दूध से बेहतर भैंस का दूध होता है। उसमें कम कोलेस्ट्रॉल होता है और मिनरल अधिक होते हैं। भैंस का दूध वजन और मांसपेशी मजबूत करता है। आयुर्वेद के अनुसार जो लोग अखाड़े/जिम में जाते हैं उनके लिए सबसे अच्छा है। बाजार में विभिन्न कंपनियों का पैक्ड दूध भी उपलब्ध होता है। पैक्ड दूध- मदर डेयरी, अमूल, पराग, नमस्ते इंडिया, श्याम डेयरी जैसी कंपनियां सप्लाई करती हैं। इसमें विटामिन ए, लौह और कैल्शियम ऊपर से भी मिलाया जाता है। इसमें भी कई तरह के जैसे फुल क्रीम, टोंड, डबल टोंड और फ्लेवर्ड मिल्क मिलते हैं। फुल क्रीम में पूर्ण मलाई होती है, अतः वसा सबसे अधिक होता है। इन सभी की अपनी उपयोगिता है, पर चिकित्सकों की राय अनुसार बच्चों के लिए फुल क्रीम दूध बेहतर है तो बड़ों के लिए कम फैट वाला दूध।

दूध के प्रकार

  • सम्पूर्ण दूध: स्वस्थ पशु से प्राप्त किया गया दूध जिसके संघटन में ठोस परिवर्तन न किया गया हो, पूर्ण दूध कहलाता है। इस प्रकार के दूध को गाय, बकरी, भैंस की दूध कहा जाता है। पूर्ण दूध में वसा और वसाविहीन ठोस की न्यूनतम मात्रा गाय में 3.5 - 8.5 प्रतिशत और भैंस में 6-9 प्रतिशत रखी गई है। 

  • स्टैण्डर्ड दूध: यह दूध जिसमें वसा और वसाविहीन ठोस की मात्रा दूध से क्रीम निकालकर दूध में न्यूनतम वसा 4.5 प्रतिशत और वसाविहीन ठोस 8.5 प्रतिशत रखी जाती है।

  • टोण्ड दूध: पूर्ण दूध में पानी और ताजा दूध पाउडर को मिलाकर टोण्ड दूध प्राप्त किया जाता है। जिसकी वसा 3 प्रतिशत और वसाविहीन ठोस की मात्रा 8.5 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

  • डबल टोण्ड दूध: इस दूध में वसा 1.5 प्रतिशत और वसाविहीन ठोस 9 प्रतिशत निर्धारित रहती है।

  • रिकन्सटीट्यूटेड दूध: जब दूध के पाउडर को पानी में घोलकर दूध तैयार किया जाता है जिसमें 1 भाग दूध पाउडर और 7 से 8 भाग पानी मिलाते हैं तो उसमें रिकन्सटीट्यूटेड दूध कहते हैं।

  • रिकम्बाइण्ड दूध: यह दूध जो बटर ऑयल, सप्रेटा दूध पाउडर और पानी की निश्चित मात्राओं को मिलाकर तैयार किया जाता है उसे रिकम्बाइण्ड दूध कहते हैं। जिसमें वसा की मात्रा 3 प्रतिशत और वसाविहीन ठोस की मात्रा 8.5 प्रतिशत निर्धारित की गई है।


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