19.49 लाख पशुपालकों को घर बैठे मिला पशु उपचार
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने शासन सचिवालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के लंबित दावों का तत्काल भुगतान करने और लापरवाही बरतने वाले संयुक्त निदेशकों को चार्जशीट देने के निर्देश दिए।
मंत्री ने बताया कि मोबाइल वेटरनरी योजना के तहत अब तक 19.49 लाख पशुपालकों के 68.33 लाख पशुओं का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। इनमें 16.80 लाख पशुओं को 1962 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने पर घर बैठे मोबाइल वेटरनरी यूनिट से इलाज मिला। लाभार्थियों में से 98 प्रतिशत ने सेवाओं को संतोषजनक बताया है।
मंगला पशु बीमा योजना के तहत 2 नवंबर तक 44.08 लाख पशुओं का पंजीकरण हुआ है। इनमें 30.29 लाख पशुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और 27.56 लाख की बीमा पॉलिसी जारी की जा चुकी हैं। मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लक्ष्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए।
वहीं, सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 10.57 लाख पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया है। आगामी वर्ष के लिए 9 लाख सीमन डोज खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या और दुग्ध उत्पादन बढ़ाना है।
बैठक में कम बारिश से प्रभावित जोधपुर और उदयपुर संभाग के अकालग्रस्त जिलों में चारा डिपो खोलकर पशुपालकों को राहत देने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा पशु चिकित्सा उपकेंद्रों के नए भवनों के निर्माण के लिए नाबार्ड सहित अन्य योजनाओं से बजट उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। बैठक में विभागीय निदेशक डॉ. सुरेशचंद मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।