लंपी वायरस को लेकर राजस्थान अलर्ट, भरतपुर-डीग में मिले संक्रमित पशु 

नई दिल्ली 31-Aug-2026 01:11 PM

लंपी वायरस को लेकर राजस्थान अलर्ट, भरतपुर-डीग में मिले संक्रमित पशु 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। मानसून पूर्व पशु टीकाकरण के बावजूद लंपी वायरस ने प्रदेश में दस्तक दें दी है। यह वायरस गौ वंश को ज्यादा प्रभावित करता है। भरतपुर और डीग में लंपी का अटैक होने के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आया है। विभाग ने रोगी पशु उपचार के साथ पशु सर्वे जैसे कदम उठाएं है। निदेशक पशुपालन डॉ. सुरेशचंद के मुताबिक उत्तरप्रदेश से होने वाली पशुओं की खरीफ-फरोख्त से इस वायरस की प्रदेश में दस्तक हुई है। रोग का प्रसार रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे है। गौरतलब है कि वर्ष 2022 के दौरान प्रदेश के कई जिलों में इस रोग के चलते हजारों की संख्या में गायों की अकाल मौत हुई थी और पशुपालकों को आर्थिक हानि उठानी पड़ी थी। 

एक हजार करीब पशु चपेट में

पशुपालन विभाग के अनुसार भरतपुर और डीग जिले में एक हजार के करीब पशुधन में लंपी रोग रिपोर्ट हुआ है। विभाग के द्वारा दूसरे पशुओं का भी सर्वे कराया जा रहा है। ताकि, पशु को समय पर उपचार मिल सके। डीग जिले में 609 पशु रिपोर्ट हुए है और 251 पशु उपचार के बाद ठीक हो चुके है। जबकि, भरतपुर जिले में 360 गायों में इस बीमारी के लक्षण देखे गए है। इनमेें से 111 गायें उपचार के बाद स्वस्थ हो चुकी है। 

क्या है लंपी वायरस 

लंपी वायरस यानी गांठदार त्वचा रोग मवेशियों में होने वाला एक इनफेक्शियस डिजीज है। यह वायरस पॉक्स परिवार का है। लंपी वायरस ज्यादातर गाय, भैंस और हिरण को प्रभावित करता है। लंपी वायरस एक वायरल बीमारी है और यह खून पीने वाले कीडों, जैसे मक्खियों और मच्छरों की कुछ प्रजातियों अथवा कीटों द्वारा फैलता है। इससे बुखार और त्वचा पर गांठें पड़ जाती हैं और मवेशियों की मृत्यु हो सकती है। 

लंपी वायरस के मुख्य लक्षण

शरीर, सिर, गर्दन और थनों पर 2 से 5 सेंटीमीटर आकार की कठोर गांठें (नोड्यूल) बनना। तेज बुखार आना। आंखों व नाक से पानी बहना। पशु का सुस्त होना। खाना कम करना। दूध उत्पादन में अचानक भारी गिरावट होना। 

पहले भी चपेट में आए थे हजारों पशु

गौरतलब है कि 4 साल पहले भी प्रदेश में ये लंपी वायरस के चलते पशुपालकों को लाखों रूपए का नुकसान उठाना पड़ा था। करीब 72000 गायों की मौत हुई थी। लेकिन, सरकार ने करीब 48000 हजार गायों की मृत्यु बताई थी। 

अवकाश रद्द

पशुपालन विभाग ने रोग नियंत्रण के लिए भरतपुर खंड़ के सभी पशु चिकित्सकों के अवकाश रद्द कर दिए है। साथ ही, त्यौहार और राजकीय अवकाश पर भी आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि अवकाश के दिनों में भी पशु संस्थान सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक खुले रहेंगे। 


ट्रेंडिंग ख़बरें