लंपी की रोकथाम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली 11-Sep-2026 01:45 PM

लंपी की रोकथाम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लम्पी स्किन रोग की स्थिति और प्रभावी नियंत्रण की समीक्षा करते हुए कहा कि रोग की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जाए। किसी प्रकार की लापरवाही बद्र्धाश्त नहीं होगी। उन्होंने प्रदेश में टीकाकरण अभियान को और तेज करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में रोग प्रतिरोधक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, गोशालाओं और अन्य स्थानों पर संक्रमित पशुओं को आइसोलेट करने के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए।

10, 403 पशु हुए संक्रमित

बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में लम्पी रोग से 10 हजार 403 संक्रमित पशु पाए गए हैं। इनमें से 6 हजार 905 पशुओं की रिकवरी हो चुकी है। साथ ही, प्रदेशभर में 87 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण किया जा चुका है। पशुपालन विभाग द्वारा रोग की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान, राज्य- जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना, जिला-ब्लॉक स्तर पर रैपिड रेस्पांस टीम का गठन, पशुपालकों को साइपरमेथ्रिन एवं सोडियम हाईपोक्लोराईट के वितरण सहित कई प्रयास किए हैं।

बैठक में ये अधिकारी भी रहे मौजूद

इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव पशुपालन सीतारामजी भाले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

गौवंश को बचाने के लिए विभाग तरह तैयार

उधर, लंपी डिजीज को लेकर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि लंपी रोग के बारे में किसी भी तरह से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार लंपी रोग के प्रति पूरी तरह सतर्क है और इसकी रोकथाम के लिए सभी एहतियाती कदम उठा रही है।  रोगी गौवंश को अविलम्ब आइसोलेशन कर समुचित उपचार की व्यवस्था विभाग द्वारा सुनिश्चित कर ली गई है। इस वर्ष पूर्वी राजस्थान में लंपी के केस ज्यादा हैं लेकिन वहां भी स्थिति नियंत्रण में है। अब तक भरतपुर और डीग जिले में कुल 16 गौवंशों की मृत्यु लंपी के कारण हुई है। अधिकतर गौवंश रोग से मुक्त कर लिए गए हैं और शेष रह गए लगभग 4500 गौवंशों का उपचार जारी है। 


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