अनार से जमीं गुलजार , कमाई 18 लाख सालाना
(सभी तस्वीरें- हलधर)
जागसा, बालोतरा। मेहनत और हौंसला हो तो सूखी जमीन भी गुलजार हो जाती है। किसान राजेश चौधरी ने यही किया है। रसातल समाते पानी को देखते हुए किसान राजेश ने अनार की बागवानी की ओर कदम बढ़ाया। परिणाम यह रहा कि सूखी जमीन से 15 लाख रूपए सालाना की आमदनी मिलने लगी है। जबकि, पहले परम्परागत फसल उत्पादन से 3 लाख रूपए की आमदनी मिलती थी। किसान राजेश ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास 35 बीघा जमीन है। रसातल समाते पानी को देखते हुए 10 साल पहले अनार की बागवानी करना शुरू किया। परिणाम रहा है कि अब खेतों से लाखों रूपए की आय मिलने लगी है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला है। गौरतलब है कि किसान राजेश 12वीं पास करने के बाद से खेती का काम संभाल रहा है। उन्होंने बताया कि पहले इस जमीन में परम्परागत फसलों की खेती करता था। समय के साथ सिंचाई की समस्या गहराती चली गई। इस कारण परम्परागत फसलों की पैदावार लेना मुश्किल हो चला था। लेकिन, बागवानी के बाद अब परम्परागत फसलों से भी अच्छी आमदनी मिल रही है। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए ट्यूबवैल है। परम्परागत फसलों में गेहूं, सरसों, बाजरी का उत्पादन लेता हॅू। इन फसलों से सालाना 3-4 लाख रूपए का मुनाफा मिल जाता है।

23 बीघा में अनार
उन्होंने बताया कि आमदनी बढाने के लिए दशक पूर्व अनार की खेती का श्रीगणेश किया। वर्तमान में मेरे पास अनार के 2300 पौधें है। इसमें 10 साल के बगीचे से सालाना 14-15 लाख रूपए की शुद्ध बचत मिल रही है। जबकि, 4 साल के बगीचे से अभी आमदनी मिलना शेष है।
दुग्ध से भी अच्छी आय
उन्होंने बताया कि पशुपालन में मेरे पास 4भैंस है। प्रतिदिन 25-30 लीटर दुग्ध का उत्पादन मिल जाता है। उन्होंने बताया कि दुग्ध का विपणन डेयरी को 60 रूपए प्रति लीटर की दर से कर रहा हॅू। इससे पशुपालन का खर्च निकल जाता है। वहीं, मासिक 20- 25 हजार रूपए की बचत मिल रही है। वहीं, पशु अपशिष्ट खेत में काम आ रहा है।