अमरूद की खेती से बदली तकदीर, लाखों में पहुंची कमाई
(सभी तस्वीरें- हलधर)
लसोड़ा,सवाईमाधोपुर। बागवानी फसलों का उत्पादन किसानों को पंख देते देर नहीं करता है। यकीन नहीं है तो किसान डीआर गुर्जर से मिलिए। यह किसान परम्परागत फसलों का उत्पादन करके सालाना डेढ़ लाख रूपए कमा रहा था। लेकिन, अमरूद की खेती करके डेढ़ बीघा से लाख रूपए की आमदनी ले रहा है। किसान डीआर गुर्जर ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास 10 बीघा कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि 10वीं पास करने के साथ ही पढ़ाई छोड़ दी। रोजगार की जरूरत महसूस हुई तो सुरक्षा गार्ड का काम करने लगा। कुछ साल नौकरी के करके गांव वापिस लौट आया और आय बढौत्तरी के लिए अमरूद की खेती से जुड़ गया। अब खेती से सालाना ढ़ाई से तीन लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए कुआं था। परम्परागत फसलों में तिल, ज्वार, बाजरा, सरसों और गेहूं का उत्पादन लेता हॅॅू। इन फसलों से खर्च निकालने के बाद डेढ़ लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है।
बीघा में लाख
उन्होंने बताया कि डेढ़ बीघा में बगीचा स्थापित किया हुआ है। यह सात साल का हो चुका है। हर साल पौधों पर अच्छा फलाव आताा है। इससे आमदनी भी ठीक-ठाक हो जाती है। खर्च निकालने के बाद बगीचे से लाख रूपए की शुद्ध आमदनी मिल जाती है।
पशुधन से आय
पशुधन में मेरे पास 2 भैंस है। प्रतिदिन 10 लीटर दुग्ध का उत्पादन मिल रहा है। पशु अपशिष्ट से कम्पोस्ट खाद तैयार कर रहा हॅू। तैयार खाद का उपयोग अमरूद के बगीचे में कर रहा हॅू।