40 हजार से पौने दो लाख पहुंची आय, सब्जी खेती ने बदली किस्मत

नई दिल्ली 28-Jul-2026 11:58 AM

40 हजार से पौने दो लाख पहुंची आय, सब्जी खेती ने बदली किस्मत

(सभी तस्वीरें- हलधर)

माड़ा, डूंगरपुर। कहते है इंसान परिस्थितियों का पुतला है। करना कुछ चाहता है, होता कुछ ओर है। लेकिन, इन सबके बीच सफलता की कहानी लिखना भी किसी कामयाबी से कम नहीं होता है। ऐसा ही हालातों से रूबरू हुआ है किसान हीरालाल बरण्ड़ा। जो सब्जी उत्पादन में दूसरे किसानों के लिए नजीर बन चुका है। गौरतलब है कि किसान पहले परम्परागत फसलो की खेती करते थे। इससे सालाना 40 हजार रूपए की आमदनी होती थी। लेकिन, अब सालाना डेढ़ से पौने दो लाख रूपए की आमदनी मिल रही है। किसान हीरालाल ने हलधर टाइम्स को बताया कि 10वीं पास करने के बाद से खेती से आजीविका चला रहा हॅू। मेरे पास 5 बीघा जमीन है। सालों तक परम्परागत फसलों का उत्पादन लिया। लेकिन, कभी आमदनी का आंकड़ा 40 हजार से आगे नहीं बढ़ पाया। उन्होंने बताया कि आय बढ़ाने की तलाश ने मुझे कृषि विज्ञान के न्द्र से जोड़ दिया। केवीके के वैज्ञानिकों ने मेरी आजीविका की स्थिति को देखते हुए मुझे टीएसपी योजना से लाभान्वित किया। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए मेरे पास ट्यूबवैल है। परम्परागत फसलों में मक्का, चावल और गेहूं का उत्पादन लेता हॅू। इन फसलों से तीस से पैतीस हजार रूपए की आमदनी मिल जाती है। 

तैयार करते है सब्जी पौध

उन्होंने बताया कि टीएसपी योजना के तहत लगे शैडनेट से सब्जी पौध तैयार करता हॅू। सब्जियों में मिर्च, टमाटर, गोभी, बैंगन की सालाना 40 हजार पौध तैयार करता हॅू। इसमें से कुछ मेरे काम आ जाती है। वहीं, सालाना 50 हजार रूपए की आमदनी हो जाती है। 

एक बीघा में सब्जी

उन्होंने बताया कि आमदनी बढ़ाने के  लिए ओपन फील्ड में सब्जी फसलों का उत्पादन ले रहा हॅू। सब्जी फसल उत्पादन की शुरूआत एक बीघा क्षेत्र से की है। सब्जी में फूलगोभी, बैंगन, मिर्च, लौकी सहित दूसरी सब्जी फसलों का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि खर्च निकालने के बाद सब्जी फसलों से 50-60 हजार रूपए की सालाना आय मिल जाती है। 

पशुधन से आय

किसान हीरालाल के पास 4 भैंस है। प्रतिदिन 8-10 लीटर दुग्ध का उत्पादन मिल जाता है। उन्होंने बताया कि एक समय का दुग्ध डेयरी को विपणन कर देता हॅू। एक समय का दुग्ध घर में काम आ जाता है। दुग्ध उत्पादन से सालाना एक लाख रूपए की आय मिल जाती है। वहीं, पशु अपशिष्ट से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार कर रहा हॅू। वर्मी कम्पोस्ट की दो यूनिट मेरे पास है।

स्टोरी इनपुट: डॉ. सीएम बलाई, केवीके, डूंगरपुर


ट्रेंडिंग ख़बरें