मुनीम की नौकरी छोड़ी, सब्जी और एप्पल बेर से कमाए 5 लाख सालाना
(सभी तस्वीरें- हलधर)
गुरजीन, झालावाड़। जमीन का रकबा ना इंच घटा है, ना ही इंच बढ़ा है। लेकिन, जिंदगी बदल गई। यह संभव हुआ है वैज्ञानिक तौर-तरीके से फसल का उत्पादन लेने से। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है किसान ब्रजराज नागर ने। जो सब्जी उत्पादन और एप्पल बेर की खेती से सालाना 4-5 लाख रूपए की आमदनी ले रहे है। किसान ब्रजराज नागर ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण 12वीं के बाद पढ़ाई छोडऩी पड़ी। करीब 5 साल कपड़े और आभूषण की दुकान पर मुनीम का काम किया। लेकिन, ज्यादा लाभ नहीं मिला। इसके बाद पूरी तरह खती से जुड़ गया। उन्होंने बताया कि परिवार के पास एक हैक्टयर भूमि है। पहले सिंचाई कुएं के भरोसे थी। कुएं का पानी रीतता देखकर वर्ष 1997 में ट्यूबवैल खुदवाया। इससे परम्परागत फसलों का उत्पादन अच्छा होने लगा । परिवार का खर्च निकलने लगा। करीब दशक भर ऐसे ही चलता रहा। वर्ष 2015 के बाद खेती में बदलाव करना शुरू किया। क्योंकि, इस समय तक परिवार का खर्च काफी बढ़ चुका था। इस स्थिति को मैने एक कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों के सामने रखा। उन्होंने मुझे सब्जी उत्पादन की सलाह दी। उनसे सलाह पाकर 3 बीघा क्षेत्र में मिर्च, लहसुन और कद्दू की खेती शुरू कर दी। इन फसलों से अच्छी आय मिलने लगी है । उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन शुरू करने से पूर्व 2002 में मैंने काजरी की बेर किस्म के कुछ पौधें खेत में लगाए थे। इन पौधों से मुझे 8-10 हजार रूपए सालाना की आय मिलती थी। आर्थिक स्थिति में सुधार आने के बाद मैने बेर की खेती को विस्तार दिया। उन्होंने बताया कि परम्परागत फसलों में सोयाबीन, गेहूं, धनिया की फसल लेता हॅू। इन फसलो से सालना ड़ेढ़ से दो लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है।
बेर से डेढ़ लाख
उन्होंने बताया कि बेर का बगीचा 3 बीघा क्षेत्र में लगाया हुआ है। बगीचा 6 साल का हो चुका है। बगीचे से सालाना डेढ़ लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। वहीं, तीन बीघा क्षेत्र में सब्जी फसल का उत्पादन लेता हॅू। मिर्च की फसल से 50-60 हजार रूपए की आय मिल जाती है। वहीं, 80-85 हजार रूपए की आय कद्दू की फसल से मिल जाती है।
पशु अपशिष्ट से वर्मीकम्पोस्ट
उन्होंने बताया कि कुछ समय के लिए मैंने पशुपालन को व्यवसाय के तौर पर किया था। लेकिन, अब पशुओं की संख्या को काफी कम कर दिया है। वर्तमान में मेरे पास 3 गाय है। प्रतिदिन 10-12 लीटर दुग्ध का उत्पादन हो रहा है। दुग्ध घर में काम आ जाता है। पशु अपशिष्ट का उपयोग वर्मीकम्पोस्ट खाद बनाने में कर रहा हॅू। वर्मी कम्पोस्ट की एक यूनिट मेरे पास है।