भीलवाड़ा खाद घोटाला: एमडी एपीओ, किसानों में भारी आक्रोश
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। सहकारी समितियों में खाद के नाम पर हो रहे घोटालों ने फ सल उत्पादन पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। भीलवाड़ा जिले में सामने आए मामले में किसानों को बाजार मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर घटिया और नकली खाद जबरन बेची गई है। बायो खाद के नाम पर बेची जा रही इस सामग्री की कीमत बाजार में मात्र 400 रुपये है। जबकि, इसे किसानों को 1350 रुपये में दिया गया। जिससे न केवल किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। गौरतलब है कि नकली खाद प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के बाद सहकारिता विभाग ने केंद्रीय सहकारी बैंक भीलवाड़ा के प्रबंध निदेशक आलोक चौधरी को एपीओ किया है। जबकि, बैंक के दो कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
यह है मामला
भीलवाड़ा के मांडल क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में दबाव डालकर कथित तौर पर सरदार बायो एनपीके नामक नकली और घटिया खाद की आपूर्ति का मामला सामने आया था। आरोप है कि महज़ 400 रुपए की इस घटिया बायो खाद को किसानों को जबरन 1350 रुपए में बेचा जा रहा था। इस धोखे के सामने आने के बाद किसानों में भारी आक्रोश फैल गया और सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
हरकत में आया विभाग
सहकारिता विभाग के शासन सचिव और रजिस्ट्रार ने मामला सामने आने के बाद बैंक एमडी को एपीओ करने के आदेश जारी किए। बता दें कि इस मामले में बैंक का एक शाखा प्रबंधक और बैंकिंग सहायक को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। एपीओ अवधि में एमडी आलोक चौधरी का मुख्यालय सहकारिता विभाग, शासन सचिवालय रखा गया है।