खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून की तैयारी, सरकार की बड़ी पहल

नई दिल्ली 23-Mar-2026 02:48 PM

खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून की तैयारी, सरकार की बड़ी पहल

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान सरकार ने खेजड़ी सहित हरे पेड़ों के संरक्षण के लिए सख्त कानून लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित विधेयक में पेड़ों की अवैध कटाई पर कठोर दंड प्रावधान शामिल करने, संरक्षित पेड़ों की विस्तृत सूची तैयार करने और आमजन को अनावश्यक परेशानी से बचाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। संसदीय कार्य व विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट सब-कमेटी की रविवार को तीसरी बैठक हुई। बैठक में खेजड़ी सहित हरे पेड़ों के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। साथ ही विधेयक का संशोधित प्रारूप शीघ्र तैयार कर आगामी प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया गया। बैठक में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा सहित वन, विधि और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

विधेयक के प्रारूप पर विस्तृत मंथन

बैठक में पूर्व निर्णयों के आधार पर तैयार किए गए विधेयक के ड्राफ्ट को प्रस्तुत किया गया और उसके विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कानून को प्रभावी और व्यवहारिक बनाने के लिए सुझाव दिए, ताकि इसे जल्द अंतिम रूप दिया जा सके।

आमजन को नहीं होगी परेशानी

सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कानून बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि आम जनता को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो। कानून संतुलित और व्यावहारिक हो, इसके लिए सभी पहलुओं का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है।

पेड़ों की कटाई पर सख्त प्रावधान

बैठक में हरे पेड़ों की अवैध कटाई पर रोक लगाने के लिए कठोर प्रावधान शामिल करने पर जोर दिया गया। विधेयक में क्षेत्राधिकार, जांच प्रक्रिया, अपील व्यवस्था, दंड प्रावधान और क्रियान्वयन तंत्र जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने पर चर्चा की गई।

संरक्षित पेड़ों की सूची बनेगी

सरकार ने निर्णय लिया कि संवेदनशील और संरक्षित पेड़ों की एक विशेष सूची तैयार की जाएगी, जिसे विधेयक में शामिल किया जाएगा। इससे खेजड़ी जैसे महत्वपूर्ण पेड़ों को विशेष संरक्षण मिल सकेगा और पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जा सकेगा।

जल्द आएगा संशोधित मसौदा

बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर विधेयक का संशोधित प्रारूप जल्द तैयार करने का निर्णय लिया गया। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मजबूत और प्रभावी कानूनी ढांचा स्थापित किया जाए।

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