बीए पास किसान बना मिसाल, बीजोत्पादन ने बदली तकदीर
(सभी तस्वीरें- हलधर)
तकिया, कोटा। खेती में नवाचार का जुनून किसान को आधुनिक तकनीक से जोड़ता है और समय के साथ नया फलक देता है। आत्मा सम्मान और वाइब्रेंट गुजरात में सम्मानित होने वाले ऐसे ही किसान है रामलाल मालव। जो बीजोत्पादन के साथ-साथ आंवले की बागवानी कर रहे है। साथ ही, सालाना लाखों रूपए की आय प्राप्त कर रहे है। किसान रामलाल ने हलधर टाइम्स को बताया कि संयुक्त परिवार के मध्य 90 बीघा जमीन है। स्नातक करने के बाद खेती से जुड़ा और आय बढाने के प्रयास में जुट गया। उन्होंने बताया कि शुरूआत राज्य बीज निगम के बीजोत्पादन कार्यक्रम से हुई। इसके बाद कई सहकारी संस्थाओं के साथ जुडक़र बीजोत्पादन कार्यक्रम लेता रहा। लेकिन, अब निजी क्षेत्र की बीज कम्पनियों के लिए गेहूं और मटर का बीजोत्पादन कर रहा हॅू। क्योंकि, इसमें मार्केट रेट अच्छा मिलता है। वहीं, पूरी उपज की खरीद हो जाती है। बता दें कि किसान रामलाल ने इस साल 16 बीघा क्षेत्र में मटर का बीज तैयार किया है। उन्होंने बताया कि 5800 रूपए प्रति क्विंटल के भाव बीज के मिले है। वहीं, 575 क्ंिवटल गेहूं बीज तैयार किया है, जो 2875 रूपए प्रति क्विंटल के भाव से बिक्री हुआ है। इससे आय का अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए मेरे पास ट्यूबवैल है और परम्परागत फसलों में धान, चना, गेहूं, लहसुन का उत्पादन लेता हॅू। इन फसलों से भी अच्छी आय मिल जाती है।
4 एकड़ में बगीचा
उन्होंने बताया कि बीजोत्पादन के साथ-साथ बागवानी फसलों पर भी जोर दिया। करीब डेढ़ दशक पूर्व 4 एकड़ क्षेत्र में आंवले का बगीचा स्थापित किया। इससे भरपूर उत्पादन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में आंवले से अच्छी आमदनी हुई। वर्तमान में सवा पांच लाख रूपए की आय आंवला उत्पादन से मिली है।
किचन गार्डन में सब्जी
उन्होंने बताया कि परिवार की आववश्यकता पूर्ति के लायक सब्जी फसलों का उत्पादन लेता हॅू। लेकिन, सब्जी फ सलो की बिक्री नहीं करता हॅू। सब्जी फसल में सभी मौसमी सब्जियों का उत्पादन शामिल है।
पशुपालन भी लाभकारी
उन्होंने बताया कि पशुपालन में तीन भैंस और एक गाय है। प्रतिदिन 15 किलो दुग्ध का उत्पादन मिल रहा है। लेकिन, दुग्ध घर में ही काम आ जाता है। वहीं, पशु अपशिष्ट कम्पोस्ट खाद तैयार कर रहा हॅू।
स्टोरी इनपुट: एनबी मालव, उपनिदेशक उद्यान, कोटा