कुएं और ड्रिप सिंचाई से किसान की कमाई पहुंची 5 लाख

नई दिल्ली 15-Jun-2026 12:52 PM

कुएं और ड्रिप सिंचाई से किसान की कमाई पहुंची 5 लाख

(सभी तस्वीरें- हलधर)

नागौर। पानी की कमी के चलते पहले सालाना औसत आय एक लाख रूपए से थोड़ी कम थी। परम्परागत फसलों का उत्पादन होता था। लेकिन, जब से प्याज-ईसबगोल और सब्जी फसलों का उत्पादन लेने लगा हॅू। आय का आंकड़ा दोगुना हो चुका है। सालाना 4 से 5 लाख रूपए की आय मिल रही है। किसान नेमीचंद ने हलधर टाइम्स को बताया कि तकनीक आधारित खेती से यह संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रशिक्षण कार्यक्रम और किसान बैठकों में भाग लेने की आदत ने मुझे खेती की नई तकनीक से जोडऩे का काम किया है। गौरतलब है कि किसान नेमी के पास 12 बीघा कृषि भूमि है। लेकिन, पानी की समस्या के चलते महज 7 बीघा जमीन में ही फसलो का उत्पादन कर पा रहे है। उन्होंने बताया कि कला स्नातक के अंतिम वर्ष के दौरान पिताजी गुजर गए। इसके बाद सब कुछ अस्त - व्यस्त हो गया। खेती से आय को देखते हुए वर्ष 2015 तक यहां-वहां नौकरी करता रहा। वर्ष 2015 के बाद खेती में बदलावा लाना शुरू किया। अब परिणाम सबके सामने है। आय का आंकड़ा दोगुना हो चुका है। उन्होंने बताया कि पहले बरसातकालीन फसलों का ही उत्पादन खेतों में होता था। उन्होंने बताया कि पहले सिंचाई के लिए कुआं खुदवाया। लेकिन, जलस्तर गिरने से ट्यूबवैल खुदवाने की नौबत आ गई। इसलिए पानी की बूंद-बूंद का सोच समझकर उपयोग कर रहा हॅू। परम्परागत फसल गेहूं, ग्वार, ईसबगोल आदि फसलों का उत्पादन लेता हॅू। इनसे सालाना एक से सवा लाख रूपए की आय मिल रही है। 

प्याज से अच्छी आय
उन्होंने बताया कि रबी मौसम में 2 बीघा क्षेत्र में प्याज का उत्पादन कर रहा हॅू। इस फसल से अच्छी आय मिल जाती है। पहले इतने रकबे में सब्जी फसलों का उत्पादन लेता था। लेकिन, रोज गांव से मंड़ी जाने की परेशानी के चलते सब्जी फसलो का रकबा घटा दिया है। अब मिर्च, बैंगन, टमाटर जैसी सब्जी फसलों का उतना ही उत्पादन लेता हॅू। जिसकी बिक्री गांव में ही हो जाएं। इन फसलों से सालाना 25-30 हजार रूपए की आय मिल जाती है। 

उन्नत पशुधन
उन्होंने बताया कि पशुधन में मेरे पास तीन गाय, 2 भैंस, 5 बकरी और भेड़ है। इनसे घर की दुग्ध पूर्ति हो जाती है। साथ ही, घी तैयार करके विपणन कर देता हॅू। इससे सालाना 30-40 हजार रूपए की आय मिल जाती है।


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