राष्ट्रीय अमरूद महोत्सव: कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने की प्रोसेसिंग प्लांट की घोषणा
राष्ट्रीय अमरूद महोत्सव: कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने की प्रोसेसिंग प्लांट की घोषणा
(सभी तस्वीरें- हलधर)देश के पहले राष्ट्रीय अमरूद महोत्सव का शुभारंभ रविवार को सवाई माधोपुर में हुआ। महोत्सव का शुभारंभ शहर के दशहरा मैदान में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रिबन काटकर किया। इस दौरान राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर भी साथ रहे। लोकसभा अध्यक्ष बिरला और कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि सवाई माधोपुर का अमरूद आने वाले दिनों में क्षेत्र के किसानों के मीवन में मिठास और खुशहाली लाएगा। राज्य सरकार जिले में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लांट लगवाएगी, जिससे देश-विदेश में इस फल और इससे बने उत्पादों की मांग बढ़ेगी और किसान की आय बढ़ेगी। देश में पहली बार आयोजित अमरूद महोत्सव इसी दिशा में प्रयासों का पहला कदम है। इसके सुखद परिणाम जल्द ही दिखने लगेंगे।

अमरूद सस्ता व स्वास्थ्य-वर्धक, महोत्सव से जानकारी बढ़ेगी: बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अमरूद एक सस्ता फल है, लेकिन बहुत अधिक स्वास्थ्य-वर्धक है। उन्होंने कहा कि अमरूद महोत्सव जैसे आयोजन के जरिए लोगों को इस फल के स्वास्थ्य से जुड़े लाभों के बारे में जानकारी मिलेगी। इससे बनने वाले अचार, जूस, पल्प, मिठाई आदि भी इस मेले में प्रदर्शित किए गए है। बिरला ने कहा कि यहां अमरूद के लाभ, इसकी खेती की नई तकनीक और उन्नत किस्मों तथा प्रसंस्करण की विधियों की जानकारी का आदान—प्रदान हो रहा है। उनहोंने कहा कि डॉ. किरोडीलाल ने सवाई माधोपुर में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट लगाने की घोषणा की है। जब किसी कृषि उत्पाद का संवर्धन होता है, तभी किसान की वास्तविक आय बढ़ती है। इस प्रकार यह आयोजन क्षेत्र के अमरूद के किसानों की जिन्दगी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की: मंत्री मीणा
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही सवाई माधोपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत से अमरूद प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कुल 14 हजार हैक्टेयर अमरूद के बगीचों में से 11 हजार हैक्टेयर अकेले इस जिले में हैं। सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। डॉ. मीणा ने कहा कि राजस्थान में अमरूद किसानों की इस फल से आमदनी सालाना करीब 600-700 करोड़ रुपये है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी को 1500-1600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष करना है। सवाई माधोपुर के किसानों को अपना फल बेचने के लिए दिल्ली, बड़ौदा आदि जगहों पर नहीं जाना पड़े, इसलिए प्रोसेसिंग यूनिट की सख्त आवश्यकता है। प्रोसेसिंग प्लान्ट लगने से आस-पास के जिलों के साथ ही पड़ोसी प्रदेशों के अमरूद के किसानों को भी लाभ होगा। राज्य सरकार आने वाले समय में सवाई माधोपुर में 600 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्य करवाएगी। इससे जिले में सिंचाई के लिए भी अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
किसानों, उद्यमियों व वैज्ञानिकों से की चर्चा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने विभिन्न स्टॉल पर अमरूदों की किस्मों, इनसे बने उत्पादों और नई कृषि तकनीकों के बारे में किसानों, उद्यमियों व वैज्ञानिकों से जानकारी ली और उनके विशिष्टताओं पर चर्चा की। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला कलक्टर कानाराम, पूर्व विधायक व भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर, अतिरिक्त निदेशक कृषि देशराज ने भी महोत्सव के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। स्थानीय पद दंगल कलाकारों ने अपने पारंपरिक अंदाज में सभी अतिथियों का संगीत-नृत्य से स्वागत किया।